वोटर लिस्ट विवाद: पवन खेड़ा का दावा, चुनाव आयोग के जवाब से उलझा मामला
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग की सफाई पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आयोग के ताजा जवाब से विवाद सुलझने के बजाय और ज़्यादा भ्रम फैल गया है।
पवन खेड़ा का आरोप है कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट विवाद SIR से जुड़े मुख्य और गंभीर सवालों के सीधे जवाब देने से जानबूझकर बच रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से Form 6 नया नाम जोड़ने वाले फॉर्म में किए गए बदलावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं और आयोग की इस पूरी प्रक्रिया को कटघरे में खड़ा किया है।
पवन खेड़ा ने फॉर्म 6 पर उठाए सवाल
पवन खेड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग के प्रेस नोट में SIR और Form 6 से जुड़े मुख्य सवालों का जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि Form 6 में किए गए बदलावों पर आयोग के दो चुनाव आयुक्तों ने भी आपत्ति जताई थी।
पवन खेड़ा के मुताबिक आयोग अब कह रहा है कि SIR के बाहर मतदाता रजिस्ट्रेशन के लिए पुराना Form 6 उपलब्ध रहेगा।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन राज्यों में SIR के बाद चुनाव हो चुके हैं और बीच में सामान्य विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण SSR नहीं हुआ वहां नए मतदाताओं के लिए इस पुराने Form 6 की क्या प्रासंगिकता होगी।
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वोटर फॉर्म 6 विवाद
Form 6 में नए वोटर्स से उनके माता-पिता या दादा-दादी के पुराने वोटर लिस्ट में नाम होने की जानकारी मांगी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खुद दो चुनाव आयुक्तों ने इस बदलाव पर कड़ी आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस का आरोप है कि इस नए नियम ने युवाओं के लिए नाम जुड़वाना मुश्किल बना दिया है और इसके लिए संसद की मंज़ूरी भी नहीं ली गई।
चुनाव आयोग ने 26 सितंबर के अपने स्पष्टीकरण में कहा कि SIR की अवधि के दौरान Form 6 से जुड़ी घोषणा को सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के आदेश का समर्थन हासिल है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सामान्य प्रक्रिया में पुराने नियमों के तहत ही फॉर्म 6 का स्तेमाल होगा इसके साथ ही जिन वोटरों को गड़बड़ियों के चलते नपटिस मिले है ।
उनके घर BLO खुद जाकर दस्तावेज़ जुटाएंगे चुनाव आयोग ने तकनिकी पोर्टल ECINET की जांच के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाने का भी फैसला किया है।
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