SIR प्रदर्शनों पर गहराया विदेशी कनेक्शन का साया: नेविल रॉय सिंघम की फंडिंग पर अमेरिकी जांच
नई दिल्ली (इंटरनॅशनल डेस्क): भारत में मतदाता सूची को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों को कुछ ऐसे संगठनों और लोगों का समर्थन मिल रहा है, जो अमेरिकी टेक कारोबारी नेविल रॉय सिंघम से मिलने वाली फंडिंग के चलते अमेरिकी कांग्रेस की जांच के दायरे में हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है कि ये समूह भारत में हो रहे प्रदर्शनों को सीधे फंड दे रहे हैं या उनका संचालन कर रहे हैं।
असरा क्यू. नोमानी द्वारा तैयार इस रिपोर्ट में दुनियाभर के 101 संगठनों की पहचान की गई है, जिनमें से ‘प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल’ और ‘इंडियन अलायंस पेरिस’ जैसे नेटवर्क विभिन्न देशों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के संदेशों को आपस में जोड़ते नजर आए हैं।
रिपोर्ट में भारत का जिक्र करते हुए यह कहा गया है कि ये अंतरराष्ट्रीय समूह केवल इन प्रदर्शनों को एकजुट कर राजनीतिक संदेश देने का काम कर रहे हैं, न कि सीधे तौर पर भारत में आंदोलनों को संचालित कर रहे हैं।
जंतर-मंतर से प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल का पोस्ट
प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल ने भी दिल्ली से एक पोस्ट किया है। 12 अक्तूबर को एक्स पर उन्होंने लिखा, ‘हम जंतर-मंतर के बैरिकेड्स से लिख रहे हैं, जहां भारत सरकार ने उन नागरिकों के खिलाफ सशस्त्र बलों को तैनात किया है जो बड़े पैमाने पर मताधिकार छीने जाने का विरोध कर रहे हैं और अपने वोट देने के अधिकार की रक्षा कर रहे हैं।’
ट्राइकॉन्टिनेंटल के प्रमुख विजय प्रसाद ने 18 अक्तूबर की एक पोस्ट में इन शहरों का जिक्र करते हुए लिखा, ‘पेरिस-नई दिल्ली-ब्यूनस आयर्स / इस घड़ी को गुस्से के नाम कर दो, क्योंकि गुस्सा ही ताकत बन सकता है।
‘ ब्रेकथ्रू न्यूज ने 12, 13 और 16 अक्तूबर को भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को कवर किया। 13 अक्तूबर को उन्होंने बताया कि ‘इस सप्ताहांत भारत में पुलिस का ‘अभूतपूर्व और बेमिसाल’ दमन देखने को मिला।’
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फॉक्स ने कहा कि ‘ब्रेकथ्रू न्यूज’, ‘कोडपिंक’ और ‘पार्टी फॉर सोशलिज्म एंड लिबरेशन’ को ‘शंघाई में रहने वाले, अमेरिका में जन्मे टेक टाइकून नेविल रॉय सिंघम से फंडिंग और समर्थन मिलता है।
अमेरिकी कमेटी का समन
जुलाई 2026 में, जेसन स्मिथ की अध्यक्षता वाली ‘हाउस वेज एंड मीन्स कमिटी’ ने ‘ब्रेकथ्रू न्यूज’, प्रशांत के ‘ट्राइकॉन्टिनेंटल’ और ‘पीपल्स फोरम’ को समन जारी किया।
स्मिथ उस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे थे, जिसने इस हफ्ते मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी।
‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ और ‘सीबीएस न्यूज’ ने अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया है कि मैनहट्टन में एक फेडरल ग्रैंड ज्यूरी सिंघम के खिलाफ जांच कर रही है।
अभी तक कोई आरोप तय नहीं किए गए हैं और न्याय विभाग ने भी इस जांच की पुष्टि नहीं की है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने सबसे पहले 2023 में सिंघम के फंडिंग नेटवर्क के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी।
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