मध्य प्रदेश में हार के बावजूद फायदे में रही कांग्रेस

मध्य प्रदेश में हार के बावजूद फायदे में रही कांग्रेस

नई दिल्ली। कर्नाटक से राज्यसभा जाने वाले उम्मीदवारों को लेकर चल रही सभी चुनावी अटकलों पर गुरुवार को विराम लग गया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे सहित सभी चार उम्मीदवारों को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया है।

नामांकन वापस लेने की समयसीमा समाप्त होने के बाद मैदान में केवल चार ही उम्मीदवार बचे थे, जिसके बाद विधानसभा सचिव और चुनाव निर्वाचन अधिकारी एम.के. विशालाक्षी ने सभी को सर्वसम्मति से विजेता घोषित कर दिया। इन चारों नवनिर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होगा।

कर्नाटक की चार रिक्त सीटों के लिए आगामी 18 जून को मतदान होना तय हुआ था। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी की ओर से तीन दिग्गजों को मैदान में उतारा गया था, जिनमें खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एआईसीसी के मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा और पूर्व केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान के बेटे मंसूर अली खान शामिल थे।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तरफ से प्रोफेसर एम. नागराजा एकमात्र उम्मीदवार थे। शुरुआत में इन चार सीटों के लिए एक निर्दलीय प्रत्याशी सहित कुल पांच नामांकन दाखिल किए गए थे, लेकिन जांच के दौरान तकनीकी आधार पर निर्दलीय उम्मीदवार का पर्चा खारिज होने के बाद चुनावी मुकाबला पूरी तरह खत्म हो गया और वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ी।

पवन खेड़ा के लिए संसद के उच्च सदन का यह पहला सफर होगा। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के राजनीतिक सचिव के रूप में की थी और साल 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी के ‘वॉर रूम’ में अहम भूमिका निभाई थी।

जीत का सर्टिफिकेट मिलने के बाद पवन खेड़ा ने पार्टी शीर्ष नेतृत्व का आभार जताते हुए कहा, “मेरे लिए यह बेहद गर्व की बात है कि मुझे कर्नाटक की जनता की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं अगली बार जब आपसे बात करूँगा, तो कन्नड़ भाषा में बात करने की पूरी कोशिश करूँगा।” वहीं नवनिर्वाचित सांसद मंसूर अली खान ने भी देश और राज्य के मुद्दों को संसद में मजबूती से उठाने का संकल्प जताया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने नवनिर्वाचित कांग्रेस सांसदों को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर लिखा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि ये नेता देश की संसद में कर्नाटक के हितों की पुरजोर वकालत करेंगे और राज्य की प्रगति के लिए काम करेंगे।

आपको बता दें कि कर्नाटक की ये चार सीटें 25 जून को मौजूदा सांसदों का कार्यकाल समाप्त होने के कारण खाली हो रही थीं। सेवानिवृत्त होने वाले सांसदों में पूर्व प्रधानमंत्री और जेडीएस (JDS) नेता एच.डी. देवेगौड़ा, खुद मल्लिकार्जुन खरगे और भाजपा के इरन्ना कडाडी व नारायण कोरागाप्पा शामिल थे। इस निर्विरोध निर्वाचन के बाद मल्लिकार्जुन खरगे का राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) का पद भी सुरक्षित रहेगा।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।