वोटर लिस्ट विवाद: चिदंबरम ने घुसपैठियों के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा, दागे 5 सवाल
नई दिल्ली: मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाए जाने के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा नेता नवीन ने स्पष्ट किया कि इनमें से ढाई करोड़ मृतक और छह करोड़ स्थान बदल चुके लोग थे।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए दावा किया कि बाकी के तीन करोड़ नाम घुसपैठियों के थे, जिन्हें बचाने के लिए विपक्षी दल राजनीति कर रहे हैं। नवीन ने जोर देकर कहा कि भाजपा और एनडीए कार्यकर्ता इन सभी घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
‘एक्स’ पर पूछा- कौन हैं वो तीन करोड़ घुसपैठिये
नितिन नवीन के बयान पर पलटवार करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर उनसे पांच सवाल पूछे हैं। चिदंबरम ने पूछा कि बीजेपी अध्यक्ष द्वारा बताए गए तीन करोड़ घुसपैठिये कौन हैं और क्या केंद्र व राज्य सरकारों ने उनकी पहचान की है। उन्होंने कहा कि यदि हरियाणा की जनता और सरकार को घुसपैठियों के बारे में पता है, तो राज्य सरकार उनके नाम सार्वजनिक कर कानून के अनुसार कार्रवाई क्यों नहीं करती।
इसे भी पढ़ें: वांगचुक के समर्थन में आये अन्ना हज़ारे, कहा ‘उनके सब्र का इम्तेहान न ले सरकार’
कांग्रेस नेता ने साफ किया कि कोई भी घुसपैठियों को बचा नहीं रहा है, लेकिन सवाल उठाया कि अगर घुसपैठियों की संख्या तीन करोड़ है, तो मतदाता सूची से 13.3 करोड़ नाम क्यों हटाए गए और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए जिन 91 से 93 प्रतिशत लोगों ने अपील में जीत हासिल की, क्या वे भी घुसपैठिये हैं।
मतदाता सूची से करीब 13.3 करोड़ नाम हटाए जाने के विवाद के बीच कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। जहाँ विपक्ष ने इसे ‘वोट चोरी’ की बड़ी साजिश बताते हुए आयोग पर सवाल उठाए हैं, वहीं भाजपा का दावा है कि इस विशेष प्रक्रिया के तहत केवल अवैध और अपात्र लोगों के नाम ही हटाए गए हैं। हालांकि, बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के इस दावे को लेकर सरकार या निर्वाचन आयोग ने अभी तक कोई आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
