पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बताने की मांग, सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई
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नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका पर 31 अगस्त 2026 को सुनवाई होगी, जिसमें पेट्रोल में एथेनॉल की सटीक मात्रा को सार्वजनिक करने और पंपों के नोजल व रसीद पर इसका प्रतिशत दिखाने की मांग की गई है। इस याचिका में ई20 ईंधन के प्रभावों की जांच के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति बनाने और एक ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करने का भी अनुरोध किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर वाहन चालकों और पर्यावरण से जुड़े कई बड़े सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि जब तक लोगों को यह साफ तौर पर पता नहीं चलेगा कि पेट्रोल में कितने प्रतिशत एथेनॉल मिला है, तब तक वे अपनी गाड़ी की सुरक्षा को लेकर अनजान (बेखबर) रहेंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पुरानी गाड़ियों के इंजन E20 (20% एथेनॉल मिश्रण) ईंधन के लिए नहीं बने हैं। इनमें ऐसा पेट्रोल लगातार इस्तेमाल करने से इंजन के पुर्जे खराब हो सकते हैं और माइलेज भी कम हो सकता है।
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इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि सरकार और तेल कंपनियां पारदर्शिता बरतें। वे ग्राहकों को पेट्रोल में मौजूद एथेनॉल की सटीक मात्रा की पूरी जानकारी अनिवार्य रूप से दें। 31 अगस्त 2026 को होने वाली इस सुनवाई पर देश के करोड़ों वाहन मालिकों और ऑटोमोबाइल कंपनियों की नजरें टिकी हैं।
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