चिराग पासवान और जीतनराम मांझी पर भड़के तेजस्वी यादव
पटना: बिहार में आरक्षण के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और हम (HAM) पार्टी के नेताओं के बीच जारी बहस के बीच, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी और उसके साथी दलों पर तीखा हमला बोला है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि कोई भी आरक्षण को खत्म नहीं कर सकता है अभी तक कोई ऐसा पैदा नहीं हुआ है। जो आरक्षण को खत्म कर सके। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी और आरएसएस अपने सहयोगी नेताओं के जरिए लोगों का मिजाज जानने की कोशिश कर रहे हैं।
आरक्षण के मुद्दे पर चिराग और मांझी को तेजस्वी की चुनौती
तेजस्वी यादव ने कहा कि चिराग पासवान और जीतन राम मांझी दोनों आरक्षित सीटों से चुनाव जीतकर और आरक्षण का फायदा उठाकर आज केंद्रीय मंत्री बने हैं। अगर उन्हें इस व्यवस्था से कोई परेशानी है, तो उन्हें तुरंत अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए और किसी सामान्य (General) सीट से चुनाव लड़कर अपनी ताकत दिखानी चाहिए।
आरजेडी (RJD) नेता ने नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी की पार्टियों की नीयत पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि अगर ये सभी दल सच में आरक्षण के समर्थक हैं, तो केंद्र में बैठी उनकी एनडीए (NDA) सरकार बिहार के 65 फीसदी आरक्षण वाले कानून को संविधान की नौवीं अनुसूची 9th Schedule में शामिल क्यों नहीं करवा रही है।
इसे भी पढ़ें: संसद सत्र से पहले सोनिया गांधी के घर जुटेंगे कांग्रेस दिग्गज, बनेगी रणनीति
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस लंबे समय से आरक्षण खत्म करने की साजिश कर रहे हैं और चिराग पासवान, जीतन राम मांझी, जेडीयू और आरएलएम के नेता उन्हीं के साथ खड़े हैं। उन्होंनेन्हों नेआरोप लगाया कि ये नेता समाज और विचारधारा के बजाय ‘मलाई और कुर्सी’ के लिए राजनीति कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव का बीजेपी पर आरोप
तेजस्वी ने 2015 में मोहन भागवत के आरक्षण समीक्षा वाले बयान को याद दिलाते हुए मौजूदा विवाद को बीजेपी का ‘ड्रामा’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने सहयोगियों के जरिए लोगों का मिजाज भांप रही है। इसके साथ ही, उन्होंने मल्लिकार्जुन खरगे ‘शुद्धिकरण’ विवाद में राहुल गांधी की कार्रवाई की मांग का पूरा समर्थन किया।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
