नीतीश-ललन की गुप्त बैठक: अनंत सिंह की बगावत सुलझाने की आखिरी कोशिश
नई दिल्ली: बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों के चुनाव के बीच मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह की बगावत को शांत करने के लिए एक बड़ा सियासी दांव खेला है।
ग्रेजुएट सीट से आज जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार पटना में अपना नामांकन दाखिल करने जा रहे हैं लेकिन उनके खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी जिन्हें जन सुराज का समर्थन हासिल है को अनंत सिंह अपना बैकडोर सपोर्ट दे रहे हैं। बाहुबली अनंत सिंह के इस बागी रुख से जदयू खेमे में मलबे जैसी स्थिति बन गई है।
इस बिगड़ते समीकरण को ठीक करने के लिए नीतीश कुमार ने सुबह-सुबह केंद्रीय मंत्री और जदयू के दिग्गज नेता ललन सिंह के घर जाकर उनसे बेहद गुप्त और महत्वपूर्ण मुलाकात की।
माना जा रही है कि ललन सिंह के जरिए अनंत सिंह को सही रास्ते पर लाने की यह आखिरी कोशिश है और अगर यह दांव फेल हो गया तो आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति और जदयू के अंदर से कोई बहुत बड़ी और चौंकाने वाली खबर निकलना तय है।
नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह की बगावत
जदयू ने पटना स्नातक सीट पर पहले से जीत रहे नीरज कुमार को ही उतारा है। आज नीरज कुमार नामांकन करने वाले हैं। इससे पहले जन सुराज प्रत्याशी के नामांकन में जदयू के माेकामा विधायक अनंत सिंह न केवल नजर आए।
इसे भी पढ़ें: Cannes 2026: ऐश्वर्या राय को देखते ही खुशी से झूमीं ईवा लोंगोरिया, बोलीं- ‘वो मेरी बेस्ट फ्रेंड है’
बल्कि रोड शो में भी उतरे। जदयू विधायक अनंत सिंह मोकामा सीट पर चुनाव के समय नीरज कुमार की बगावत का बदला लेने के नजरिए से इस बार उनके धुर विरोधी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इससे जदयू के अंदर ऊहापोह की स्थिति है। अनंत सिंह के तेवर को देखते हुए कई नेता कार्रवाई की मांग कर रहे तो कई समझाने की बात कह रहे।
नीतीश ललन की बैठक
जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के नामांकन से ठीक पहले बाहुबली अनंत सिंह ने नीतीश कुमार की बात मानने के सकारात्मक संकेत दिए हैं। इसके बाद सीएम नीतीश कुमार सोमवार सुबह ललन सिंह से मिलने पहुंचे।
ललन सिंह भले ही पार्टी में किसी विवाद से इनकार कर रहे हों लेकिन अंदरूनी तौर पर इसे शीर्ष स्तर की लड़ाई माना जा रहा है। ऐसे में ललन सिंह और नीतीश कुमार की इस मुलाकात के बाद अनंत सिंह का मान जाना कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी।
जदयू के नीरज कुमार के नामांकन पर महागठबंधन जन सुराज और एनडीए की पैनी नजर है। अगर अनंत सिंह अंत तक बगावत पर अड़े रहे तो उनके समर्थक चुनाव में एनडीए के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। इसी आशंका के चलते प्रशासन अलर्ट पर है और नामांकन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
