अलीगढ के राव दानिश हिलाल हत्याकांड में आरोपी ज़ुबैर को STF ने एनकाउंटर में किया ढेर
मेरठ। अलीगढ़ के बहुचर्चित राव दानिश हिलाल हत्याकांड में फरार चल रहे मुख्य आरोपी और कुख्यात अपराधी जुबैर को उत्तर प्रदेश एसटीएफ (STF) ने मेरठ में एक मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया है। बुधवार की दोपहर हुई इस कार्रवाई में एसटीएफ की मेरठ यूनिट और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम शामिल थी।
पुलिस लंबे समय से जुबैर की तलाश कर रही थी, जिस पर अलीगढ़ पुलिस ने भारी इनाम भी घोषित कर रखा था। मुखबिर की सटीक सूचना पर एसटीएफ ने मेरठ के बाहरी इलाके में जुबैर की घेराबंदी की, जिसके बाद उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।
राव दानिश हिलाल हत्याकांड ने अलीगढ़ सहित पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। आरोप था कि जुबैर और उसके गुर्गों ने आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई में दानिश हिलाल की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद से ही अलीगढ़ पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें जुबैर के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थीं, लेकिन वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर गिरफ्तारी से बच रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जुबैर पर हत्या, लूट, रंगदारी और डकैती जैसे दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे और वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एक बड़े गिरोह का सक्रिय हिस्सा माना जाता था।
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मेरठ में हुए इस एनकाउंटर के बाद एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि जुबैर के पास से अवैध हथियार, बड़ी मात्रा में कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। मुठभेड़ के दौरान एसटीएफ के एक जवान को भी मामूली चोटें आई हैं, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फरारी के दौरान जुबैर को मेरठ और आसपास के जिलों में किन लोगों ने शरण दी थी और उसके गिरोह के अन्य सदस्य इस समय कहां सक्रिय हैं।
इस एनकाउंटर की खबर अलीगढ़ पहुँचते ही मृतक राव दानिश हिलाल के परिवार और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। अलीगढ़ पुलिस प्रशासन का कहना है कि जुबैर के खात्मे के साथ ही इलाके में सक्रिय उसके गिरोह की कमर टूट गई है।
मेरठ पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार के जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ जारी इस अभियान में एसटीएफ की इस बड़ी कामयाबी को कानून व्यवस्था के मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
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