ट्विशा शर्मा केस: अब CBI करेगी जांच, SC ने मीडिया और परिवारों को दी बयानबाजी से बचने की सलाह
नई दिल्ली: पूर्व मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए शीर्ष अदालत ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 जजों की विशेष पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल और ट्विशा के परिवार की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने अपनी दलीलें पेश कीं। वकील सिद्धार्थ लूथरा ने पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने में देरी करने और शुरुआती जांच के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) ने पीठ को सूचित किया कि ट्विशा सिंह मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) अपने हाथ में लेगी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह अपने प्रभाव का दुरुपयोग कर जांच को प्रभावित करने और इसमें बाधा डालने का प्रयास कर रही हैं।
वह मीडिया में भ्रामक इंटरव्यू दे रही हैं और पुलिस के साथ सहयोग नहीं कर रही हैं। इसके साथ ही, ट्विशा का परिवार निष्पक्षता के लिए इस मामले की जांच राज्य से बाहर कराने की मांग कर रहा है।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि ट्विशा की मौत एक अप्राकृतिक और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है।
अदालत ने राज्य सरकार को केस तुरंत CBI को ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, कोर्ट ने मीडिया को इस मामले को सनसनीखेज बनाने से बचने की सख्त हिदायत दी और कहा कि पीड़ित परिवार के इंटरव्यू या बयानबाजी को न दिखाया जाए। अदालत ने साफ किया कि सच तो यह है कि एक लड़की की जान गई है, चाहे वह खुदकुशी हो या कोई अपराध।
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शीर्ष अदालत ने दोनों परिवारों को सलाह देते हुए कहा कि सच का पता लगाना जांच एजेंसी का काम है और एजेंसी खुद उनके बयान दर्ज करेगी, इसलिए दोनों पक्ष मीडिया में बयानबाजी करने से बचें।
कोर्ट ने कहा कि अगर पीड़ित परिवार जांच को राज्य से बाहर ट्रांसफर कराना चाहता है, तो उन्हें इसके लिए अर्जी देने का पूरा अधिकार है, हालांकि इस पर सुप्रीम कोर्ट अभी कोई राय नहीं देगा। कोर्ट ने रेखांकित किया कि पुलिस, मीडिया और जांच एजेंसी को इस मामले की संवेदनशीलता को समझना चाहिए क्योंकि इस केस से पूरे देश की भावनाएं जुड़ चुकी हैं।
इस आदेश के बाद, दिल्ली से CBI की एक विशेष टीम आज ही भोपाल के लिए रवाना होगी, जो भोपाल पुलिस से केस को अपने हाथ में लेगी। सीबीआई कटारा हिल्स थाने में दर्ज FIR को दोबारा रजिस्टर्ड कर, पुलिस से सभी दस्तावेज जब्त कर अपनी जांच शुरू करेगी। इस मामले के लिए दिल्ली और मध्य प्रदेश के सीबीआई अधिकारियों को मिलाकर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जा रहा है।
सीबीआई आरोपी समर्थ को स्थानीय पुलिस से अपनी कस्टडी में लेगी और दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने के साथ ही समर्थ के घर, ट्विशा के कमरे और घटना स्थल की गहन जांच करेगी।
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