शिवसेना (UBT) के बागी सांसदों ने नहीं खर्च किया आधा पैसा भी, संजय राउत का तीखा हमला
विकास कार्यों के लिए फंड की कमी का बहाना बनाकर शिंदे गुट में शामिल होने वाले उद्धव के बागी सांसदों ने वास्तव में अपने 100 करोड़ के MPLADS फंड का मात्र 1.07% से 26.84% ही इस्तेमाल किया है, जिस पर संजय राउत ने तीखा तंज कसा है
महाराष्ट्र: हाल ही में शिवसेना उद्धव गुट को छोड़कर सत्तारूढ़ शिंदे गुट में शामिल होने वाले सांसदों ने क्षेत्र में विकास फंड की कमी का हवाला दिया था, लेकिन हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की MPLADS वेबसाइट के तीन साल के आंकड़े कुछ और ही हकीकत बयां कर रहे हैं।
इन आंकड़ों के अनुसार, छह बागी सांसदों के पास कुल मिलाकर करीब 100 करोड़ रुपये का फंड उपलब्ध था, लेकिन उन्होंने इसका औसतन केवल 13.60 फीसदी (1.07% से 26.84% तक) ही खर्च किया। प्रत्येक सांसद को अपने क्षेत्र में विकास के लिए हर साल 5 करोड़ रुपये मिलते हैं, और खर्च न होने पर यह राशि अगले साल में जुड़ जाती है।
फंड इस्तेमाल के मामले में हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल-अष्टिकर ने सबसे ज्यादा 26.84% फंड का इस्तेमाल किया, जिन्होंने 107 प्रस्तावित कामों में से 28 पूरे करवाए। इसके विपरीत, मुंबई उत्तर पूर्व के सांसद संजय दीना पाटिल ने सबसे कम केवल 1.07% फंड खर्च किया और उनका प्रस्तावित एक भी काम पूरा नहीं हो सका।
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वहीं धराशिव के सांसद ओमराजे निम्बालकर के 130 में से सिर्फ 21 काम, परभणी के सांसद संजय जाधव के 81 में से 25 काम, शिरडी के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे के 137 में से केवल 2 काम, और यवतमाल के सांसद संजय देशमुख के 113 में से महज 7 काम ही पूरे हो पाए हैं।
इस रिपोर्ट पर सफाई देते हुए हिंगोली के सांसद ने पोर्टल के आंकड़ों को गलत बताया, जबकि धराशिव के सांसद ने केवल दो वर्षों के आधार पर काम का विश्लेषण करने को अनुचित ठहराया।
दूसरी तरफ, शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये सांसद फंड खर्च करने में पूरी तरह नाकाम रहे हैं और करीब 14 करोड़ रुपये की राशि अब भी बिना खर्च किए बची हुई है; ऐसे में उन्हें काम करने से किसने रोका था और वे अब किस नए फंड के प्रति वफादार हो गए हैं।
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