पटना शिक्षक सीट पर आरजेडी की जीत: तेजस्वी बोले रोजगार और बदहाल शिक्षा व्यवस्था पर मिली मुहर
बिहार: विधान परिषद के चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी जीत दर्ज की है, जिसे तेजस्वी यादव ने बीजेपी के 30 साल पुराने मजबूत किले में बड़ी सेंध बताया है। तेजस्वी यादव ने कहा की इस बार मतदाताओं ने यूनिवर्सिटीज की बदहाली, रोजगार और शिक्षा के मुद्दों पर वोट दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि आरजेडी के नए प्रतिनिधि अब शिक्षकों और युवाओं की समस्याओं को सदन में पूरी ताकत से उठाएंगे।
उन्होंने सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाते रहने का संकल्प लेते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर मतगणना और परिणाम घोषित करने में पारदर्शिता की कमी का गंभीर आरोप लगाया।
चुनाव आयोग पर निशाना
तेजस्वी ने दावा किया कि जिन सीटों पर राजद के प्रत्याशी नहीं जीत रहे थे, उनके परिणाम शाम छह बजे तक घोषित कर दिए गए, जबकि विजयी प्रत्याशी को देर रात तक प्रमाणपत्र न मिलने से संदेह पैदा होता है और जनता को परिणाम जानने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है और उनका विरोध संवैधानिक संस्थाओं से नहीं बल्कि उनमें बैठकर काम कर रहे लोगों से है।
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इसी के चलते, उन्होंने बताया कि 1 नवंबर को चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन द्वारा एक मार्च और रैली निकाली जाएगी, जिसमें वह भी शामिल होंगे और साथ ही उन्होंने स्नातक व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव ने बिहार एमएलसी चुनाव की मतदाता सूची पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बड़ी संख्या में डिग्रीधारी युवाओं (स्नातकों) के नाम वोटर लिस्ट में शामिल होने से छूट गए। इस अनुभव से सीख लेते हुए उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी भविष्य के चुनावों में और ज्यादा बड़ी तैयारी तथा ताकत के साथ चुनावी रण में उतरेगी।
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