चुनावी ट्रांसफर: 3 साल वाले अफसरों की बदलेगी सीट, आयोग का कड़ा निर्देश
उत्तर प्रदेश: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने चुनाव को बिल्कुल निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए अफसरों के तबादलों और नई तैनाती को लेकर कड़ी नियम लागू कर दिए है।
नए निर्देशों के तहत अपने गृह जनपद में जमे या एक ही जिले में तीन साल का समय बिता चुके अधिकारियों को तुरंत हटाया जाएगा। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया पर किसी भी तरह के बाहरी या राजनीतिक प्रभाव को पूरी तरह से रोकना है।
इन 5 राज्यों में बदलेंगे अफसर
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों के तबादले और तैनाती के कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिसके तहत उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर, पंजाब और उत्तराखंड में चुनाव कार्यों से सीधे जुड़े और पिछले चार वर्षों के दौरान 31 मई 2027 तक एक ही जिले में तीन साल पूरे कर चुके पुलिस, प्रशासन, आबकारी और परिवहन विभाग के अधिकारियों को स्थानांतरित किया जाएगा।
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इन निर्देशों का सख्ती से अनुपालन करते हुए संबंधित अधिकारियों के स्थानांतरण और तैनाती की समेकित रिपोर्ट अगले महीने की 30 नवंबर तक मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के माध्यम से आयोग को भेजनी होगी।
चुनाव आयोग के नए नियमों के तहत आगामी विधानसभा चुनाव से सीधे जुड़े उन सभी अधिकारियों का तबादला किया जाएगा, जिनका एक ही जिले में तीन साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इसके लिए 31 मई 2027 की तारीख तय की गई है।
यानी इस समय-सीमा तक जो भी अफसर पिछले 4 वर्षों में से 3 साल एक ही जगह पूरे कर रहे हैं, उन्हें वहां से हटा दिया जाएगा। इसके साथ ही, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किसी भी अधिकारी को उनके अपने गृह जनपद (होम डिस्ट्रिक्ट) में तैनात नहीं किया जाएगा।
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