इस्लामिक झंडे को पाकिस्तानी झंडा बताया, बवाल के बाद पुलिस बल तैनात
दिल्ली के सागरपुर में मोहर्रम पर पाकिस्तानी झंडा लहराए जाने के अफवाह वाले वीडियो के बाद उपजे विवाद में जब हिंदू संगठनों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया, तो वहां कथित तौर पर पथराव होने से इलाके में तनाव फैल गया जिसे पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर नियंत्रित किया
सागरपुर: राजधानी दिल्ली के सागरपुर में एक झंडे को लेकर शुरू हुआ विवाद, अब पुलिस जांच का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो के आधार पर दावा किया गया था कि मोहर्रम के जुलूस में पाकिस्तान का झंडा लहराया गया, जिसके बाद इलाके में तनाव की चर्चा शुरू हो गई।
इस मामले पर अब दिल्ली पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आया है, जिसमें पुलिस ने साफ किया है कि वायरल वीडियो और उपलब्ध फुटेज की जांच में पाकिस्तान का कोई झंडा नहीं मिला है।
अधिकारियों के मुताबिक, जिस झंडे को लेकर विवाद हुआ वह एक धार्मिक ध्वज था न कि पाकिस्तान का, क्योंकि पाकिस्तानी झंडे में सफेद हिस्सा 30 प्रतिशत होता है जो इस झंडे में नहीं था। इसी आधार पर पुलिस ने सोशल मीडिया के दावों को खारिज कर दिया है।
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हालांकि, शिकायतकर्ता विपिन राजपूत इस बात से सहमत नहीं हैं और उनका कहना है कि मोहर्रम के दिन पाकिस्तान के झंडे जैसा दिखने वाला झंडा लहराया गया था, जिसकी उन्होंने पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है।
इस बीच, मंगलवार शाम को कुछ स्थानीय लोग और हिंदू संगठनों से जुड़े लोग उसी इलाके के एक डीडीए (DDA) पार्क में हनुमान चालीसा का पाठ करने पहुंचे। आरोप है कि इस कार्यक्रम के दौरान आसपास की इमारतों से पथराव किया गया, जिसमें कुछ लोग घायल हुए हैं।
विपिन राजपूत का यह भी आरोप है कि महिलाओं को आगे करके पत्थर फेंके गए और जिस पार्क में कार्यक्रम हुआ, वहां दूसरे समुदाय के लोग बकरा मंडी लगाते हैं।
हालांकि, इन नए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल सागरपुर में एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पुलिस का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य और कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है।
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