आईडीबीआई की बिक्री पर राहुल गांधी का प्रहार: बैंकों को निजी हाथों में सौंपने पर उठाए गंभीर सवाल

आईडीबीआई की बिक्री पर राहुल गांधी का प्रहार: बैंकों को निजी हाथों में सौंपने पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली : आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) के निजीकरण को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच विवाद बढ़ गया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बैंक कर्मियों को पत्र लिखकर सरकारी फैसले का विरोध किया है।

उन्होंने मुनाफे में चल रहे इस सरकारी बैंक को कनाडा की फेयरफैक्स कंपनी को बेचने के फैसले पर आपत्ति जताई है। राहुल गांधी का कहना है कि जनता के पैसों से खड़े किए गए ये बैंक बेचने के लिए नहीं, बल्कि देश के विकास और निर्माण के लिए हैं।

आरक्षण पर मंडराता खतरा

वर्तमान में केंद्र सरकार और एलआईसी की 95 प्रतिशत संयुक्त हिस्सेदारी वाली इस बैंक की बिक्री से नियंत्रण निजी हाथों में चला जाएगा, जिससे एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को मिलने वाला संवैधानिक आरक्षण समाप्त हो जाएगा और कर्मचारियों की सेवा शर्तें तथा अंतिम सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी।

राहुल गांधी ने 2003 के संसदीय आश्वासन को याद दिलाते हुए कर्मचारियों की कड़ी मेहनत से बैंक के नौ हजार करोड़ रुपये से अधिक के शुद्ध मुनाफे का हवाला दिया और कर्मचारियों की जायज मांगों के प्रति पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हुए उन्हें एकजुट रहने का आह्वान किया है।

आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को कनाडा की कंपनी को बेचे जाने के खिलाफ राहुल गांधी के इस संदेश ने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का हौसला बढ़ा दिया है। बैंक के 9,000 करोड़ रुपये के बड़े मुनाफे, संसद में सरकारी हिस्सेदारी कम न करने के पुराने वादे और नौकरियों में आरक्षण खत्म होने के खतरे ने इस विवाद को और बड़ा कर दिया है। इन गंभीर सवालों के बीच अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस निजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी या अपना फैसला बदलेगी।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं