यूपी वोटर लिस्ट विवाद: सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख, गलत फॉर्म-7 की जांच के निर्देश
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए बड़े पैमाने पर फॉर्म-7 जमा किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग (ECI) को कड़े निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने चुनाव आयोग को इन गंभीर शिकायतों की तुरंत जांच करने और जल्द से जल्द जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है।
अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने चुनाव आयोग द्वारा दाखिल हलफनामे में कई विसंगतियों और कमियों को उजागर किया।
उनका सीधा आरोप है कि मतदाता सूची से नाम काटने के लिए जमा किए गए कई फॉर्म-7 आवेदनों पर खुद बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के हस्ताक्षर पाए गए हैं, जो चुनावी प्रक्रिया में बड़ी अनियमितता को दर्शाता है। कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे जिन अनियमितताओं का समाधान नहीं हुआ है, उन्हें चिह्नित करते हुए एक विस्तृत नोट चुनाव आयोग को सौंपें।
इसके बाद चुनाव आयोग को इन तथ्यों की जांच करनी होगी अदालत ने आयोग से कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं और इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाए।
इस निर्देश के बाद अब चुनाव आयोग को फॉर्म-7 आवेदनों से जुड़ी शिकायतों, खासकर BLO के कथित हस्ताक्षरों और हलफनामे में बताई गई विसंगतियों की जांच करनी होगी।
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