पहले वोट छीना, अब प्रदर्शन पर रोक; खड़गे बोले ज्ञानेश कुमार का बचाव बंद करे बीजेपी
नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री अमित शाह पर देश के नागरिको का अपमान करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से बाहर हुए 13.3 करोड़ भारतीयों को ‘घुसपैठिया’ बताना बेहद आपत्तिजनक है।
विपक्ष के अनुसार, सरकार पहले जनता के वोट देने के संवैधानिक हक पर चोट कर रही है और फिर विरोध जताने वालों की आवाज दबाने के लिए तानाशाही नीतियां अपना रही है।
जयराम रमेश के गृह मंत्री से तीन सीधे सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के निर्धारित स्थल से हटाना और युवाओं को जेल भेजना भाजपाई तानाशाही का प्रमाण है, तथा मोदी-शाह की दमनकारी नीतियों के आगे कोई नहीं झुकेगा और जनता बीजेपी से हर बात का हिसाब लेगी।
वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री से तीन सीधे सवाल पूछे हैं कि एसआईआर (SIR) के बचाव के बीच देश में अब तक कितने घुसपैठियों की पहचान की गई है, कितने लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं और कितने घुसपैठियों को देश से बाहर भेजा गया है।
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस प्रक्रिया के नाम पर करीब 14 करोड़ भारतीय नागरिकों से उनका वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीन लिया गया है।
कांग्रेस नेता का दावा है कि सरकार बार-बार घुसपैठियों का बहाना बनाकर असल मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। जयराम रमेश ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा कि क्या देश के गृह मंत्री इन 14 करोड़ भारतीयों को घुसपैठिया मानते हैं, या फिर यह उनकी नाकामी है कि उनके कार्यकाल में देश के भीतर इतने बड़े पैमाने पर घुसपैठिए आ गए।
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