SIR प्रक्रिया पर घमासान: राहुल गांधी के बाद ओवैसी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

SIR प्रक्रिया पर घमासान: राहुल गांधी के बाद ओवैसी पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

उन्होंने देश की सर्वोच्च अदालत में एक जनहित याचिका दायर कर चुनाव आयोग के उस तरीके पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसके तहत वोटर लिस्ट मतदाता सूची में सुधार के लिए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) प्रक्रिया चलाई जा रही है।

इस याचिका के जरिए असदुद्दीन ओवैसी और विपक्षी नेताओं ने मांग की है कि वोटर लिस्ट से लोगों के नाम हटाए जाने की पूरी प्रक्रिया और वोटर डेटाबेस का किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष ऑडिट कराया जाए।

सेवानिवृत्त जज की निगरानी में कमेटी की मांग

इसके साथ ही, याचिका में सुप्रीम कोर्ट के किसी रिटायर्ड सेवानिवृत्त जज की देखरेख में एक विशेष कमेटी समिति बनाने की गुहार लगाई गई है।

यह कमेटी न सिर्फ मतदाता सूची में सुधार के तौर-तरीकों की बारीकी से जांच करेगी बल्कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन EVM और वोटर लिस्ट से जुड़े सभी तकनीकी सिस्टम और सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता को भी परखेगी।

चुनाव आयोग की ओर से देश भर में शुरू किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण SIR अभियान और इसके फैसलों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने इस बात पर सवाल उठाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त CEC ने बाकी चुनाव आयुक्तों की जानकारी या सहमति के बिना चुनाव आयोग की सामूहिक शक्तियों का इस्तेमाल कैसे किया तथा उन्होंने इस फैसले से जुड़े सभी रिकॉर्ड जैसे फाइलें, बैठकों के मिनट्स, नोटिंग और आपत्तियां मांगे हैं।

बहु-सदस्यीय निकाय के रूप में कार्य करने की दलील

राहुल गांधी की याचिका में यह तर्क दिया गया है कि चुनाव आयोग को बहु-सदस्यीय संवैधानिक निकाय के रूप में कार्य करना चाहिए और वोटर लिस्ट से जुड़े सभी निर्णय संविधान के अनुच्छेद 324 तथा ‘मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल अधिनियम, 2023’ के प्रावधानों के अनुरूप होने चाहिए।

दूसरी ओर, असदुद्दीन ओवैसी ने भी एसआईआर प्रक्रिया के तौर-तरीकों की कड़ी आलोचना करते हुए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून को रद्द करने की मांग की है।

उनका तर्क है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों को दी गई कानूनी छूट आयोग की विश्वसनीयता को कमजोर करती है, इसलिए उन्होंने इस प्रक्रिया को तुरंत रोकने और मतदाताओं पर थोपी गई अतिरिक्त शर्तों पर सवाल उठाए हैं।

विरोध प्रदर्शनों और नागरिकों के अधिकारों का बचाव करते हुए ओवैसी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं माना है कि विरोध करना एक मौलिक अधिकार है, इसलिए लोग विरोध करेंगे और उन्हें करना भी चाहिए; यदि सरकार दिल्ली को बंद कर देगी, तो वह लोगों के विचारों और दिमाग को बंद नहीं कर सकती।

राहुल गांधी ने भी दायर की याचिका

वोटर लिस्ट विवाद पर विपक्ष एकजुट है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाने के तौर-तरीकों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने पूरे वोटर डेटाबेस की स्वतंत्र जांच (ऑडिट) कराने की गुहार लगाई है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।