वोट चोरी का आरोप: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आज विपक्ष का ‘जन महाभियोग’, दिल्ली में सियासी पारा हाई
नई दिल्ली: दिल्ली में चुनाव आयोग और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ विपक्षी इंडिया (INDIA) गठबंधन ने अपना विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। शुक्रवार को गठबंधन के सभी सांसद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर एकजुट हो रहे हैं।
विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक सांकेतिक ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम चला रहे हैं, जिसकी अध्यक्षता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार कर रही हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है।
दिवाली से ठीक पहले लोकतंत्र और संविधान को बचाने के नारे के साथ शुरू हुआ यह प्रदर्शन आने वाले तीन दिनों में दिल्ली में एक बड़ी रैली का रूप लेगा।
इस ‘जन महाभियोग’ कार्यक्रम के ठीक 2 दिन बाद एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली का काउंटडाउन भी शुरू हो चुका है। राहुल गांधी ने कल वीडियो मैसेज के जरिए भी ये संदेश दे दिया है कि इस बार तैयारी कितनी बड़ी है।
विपक्ष का संसद के बाहर ‘जन महाभियोग’ का दांव
संसद में संख्या बल की कमी के कारण विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनता के बीच ‘जन महाभियोग’ चलाने की रणनीति बनाई है।
दिल्ली में मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत खरगे करेंगे और समापन राहुल गांधी करेंगे, जबकि संचालन की जिम्मेदारी पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को सौंपी गई है।
इस अनोखे मंच पर विपक्षी सांसदों और वकीलों के साथ-साथ विशेष पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट से नाम कटने से प्रभावित आम लोग भी शामिल होकर अपनी बात रखेंगे।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई का कहना है कि लोगों का जो दर्द है और लोकतंत्र पर जो आक्रमण है, उस सब पर चर्चा हो और लोगों को एक हौसला मिले कि आज लोकतंत्र को बचाने में हम सब एकजुट हैं। यह एकता का संदेश जाएगा।
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सांसद पवन खेड़ा का कहना है, “आप सब लोग ज्ञानेश कुमार के बहुत ऐतिहासिक सार्वजनिक महाभियोग के गवाह बनेंगे। ये एक सार्वजनिक महाभियोग है, इसलिए आप देखेंगे कि कैसे इंडिया ब्लॉक की अलग-अलग पार्टियों के कई नेता अपनी राय साझा करेंगे।
जन महाभियोग’ के बाद विपक्षी दलों ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महामंच की तैयारी की है। इस रैली का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की आवाज उठाना है।
तैयारियों का जायजा लेने देर रात पहुंचे वरिष्ठ नेता
गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर विपक्षी नेताओं की अहम बैठक हुई, जिसके बाद प्रियंका गांधी, पवन खेड़ा और केसी वेणुगोपाल ने देर रात आयोजन स्थल का जायजा लिया।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ नाम से आयोजित इस महारैली को लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने इसे किसी एक दल का नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का जन-आंदोलन बताया।
दिल्ली पुलिस ने कुछ शर्तों के साथ रैली को मंजूरी दे दी है। यह आयोजन चुनाव सुधारों के मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता और सरकार के खिलाफ एक बड़े सियासी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
वोटर लिस्ट जांच (SIR) पर विपक्ष के हंगामे के बीच बीजेपी ने भी जवाबी रणनीति तैयार की है। गुरुवार को केंद्रीय नेतृत्व की बैठक में पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान की समीक्षा की गई। इसमें मंत्रियों ने विपक्ष के आरोपों को बेअसर करने और जनता के बीच सही जानकारी पहुंचाने पर चर्चा की।
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