जंतर-मंतर पर तनाव: पुलिस का लाठीचार्ज, पथराव और आंसू गैस के गोले

जंतर-मंतर पर तनाव: पुलिस का लाठीचार्ज, पथराव और आंसू गैस के गोले

नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी हुई है, जबकि आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और CJP के बीच आज तीसरे दौर की वार्ता प्रस्तावित है

 

नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तेज हो गया है, जहां शनिवार दोपहर स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई।

जंतर-मंतर पर अचानक मची भगदड़ और पुलिस व प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की के बाद लाठीचार्ज हुआ और आंसू गैस के गोले दागे गए।

पार्क होटल के पास संसद मार्ग और टॉलस्टॉय मार्ग टी-पॉइंट पर हुई इस झड़प में कई पुलिसकर्मी और छात्र घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए आरएमएल अस्पताल ले जाया गया है।

इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के साथ बैठक के लिए दोपहर साढ़े तीन से चार बजे का समय तय हुआ था।

उन्होंने कहा कि जिन दो मांगों पर सहमति बनी है, उन पर लिखित पुष्टि चाहिए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर सरकार को स्पष्ट रुख अपनाना होगा।

वहीं, इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो जारी कर खुद के टाइफाइड से पीड़ित होने की जानकारी दी है।

राजनीतिक स्तर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मेट्रो, रास्ते, दुकानें, इंटरनेट और खाना बंद करके छात्रों के खिलाफ क्रूर कदम उठाए गए हैं, लेकिन सरकार पेपर लीक नहीं रोक पाई।

संसद में विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी ने दोहराया कि धर्मेंद्र प्रधान को किसी अन्य मंत्रालय में भेजने के बजाय उन्हें पद से हटाना ही होगा, क्योंकि वे शिक्षा व्यवस्था में हुए भ्रष्टाचार का प्रतीक हैं।

सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) वाले कैमरे लगाए हैं, जिनकी मदद से 2000 से ज्यादा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की पहचान की गई है।

पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान 130 पुलिसकर्मी और करीब 65 छात्र घायल हुए हैं तथा 15 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

वहीं, दिल्ली पुलिस के डीसीपी सेंट्रल रोहित राजबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और फर्जी वीडियो फैलाने वाले 400 से अधिक हैंडल ब्लॉक किए गए हैं, जिनमें से कई पाकिस्तान से संचालित हो रहे थे।

दूसरी ओर, लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक द्वारा भूख हड़ताल खत्म करने पर सोशल मीडिया पर उठी आलोचनाओं का जवाब देते हुए उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अपनी अनशन की पवित्रता और फैसले के लिए उन्हें किसी से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेना पड़ेगा।

फिलहाल जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में 10 हजार प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी को देखते हुए 3 हजार पुलिसकर्मियों को मुस्तैद रखा गया है।


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Mehak B