पश्चिम एशिया संकट और एलपीजी किल्लत पर संसद में घमासान, राहुल गांधी के बयानों पर सियासत तेज
संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में आज भी घमासान के आसार हैं। गुरुवार को राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया संकट के बीच होटल एलपीजी की कमी के असर का मुद्दा उठाया
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया संकट के कारण भारत में पैदा हुए एलपीजी (LPG) संकट को लेकर संसद के दोनों सदनों में आज भी भारी हंगामे और घमासान के आसार हैं। सदन में राहुल गांधी द्वारा उठाए गए एनर्जी सिक्योरिटी और एलपीजी किल्लत के मुद्दे पर सियासत गर्मा गई है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में छिड़ी जंग और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद होने से भारत के लिए एलपीजी और ऊर्जा संकट गहराने लगा है।
उन्होंने कहा कि देश की एनर्जी सिक्योरिटी पर अमेरिका का दखल स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए और यह तो अभी शुरुआत है, आने वाले दिनों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
इस बीच, राहुल गांधी द्वारा एक मंत्री को लेकर की गई टिप्पणी पर संसद में जमकर हंगामा हुआ, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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वहीं, संसद के बाहर कुछ भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी पर संसदीय मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
संसद में माइक बंद किए जाने के मुद्दे पर भी विपक्ष एकजुट नजर आया। डीएमके सांसद कनिमोझी ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष जब भी बोलते हैं, उनका माइक बंद कर दिया जाता है और उन पर तमाम शर्तें थोपी जाती हैं, जबकि सत्ता पक्ष के सांसदों के लिए अलग नियम हैं।
समाजवादी पार्टी सांसद धर्मेंद्र यादव ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि जब नेता प्रतिपक्ष को ही अपनी बात नहीं रखने दी जाएगी, तो मजबूत साथी के रूप में हम भी विरोध दर्ज कराएंगे।
दूसरी तरफ, हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया, जहां आज ग्रामीण विकास मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई थी।
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