जामिया VC का बड़ा बयान: “सभी भारतीयों के DNA में बसे हैं महादेव”, शुरू हुआ सियासी घमासान
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नई दिल्ली: जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति (VC) के हालिया बयान ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सभी भारतीयों के DNA में महादेव बसे हैं। जिसके बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक बहस छिड़ गई है।
एक सार्वजनिक संबोधन के दौरान, कुलपति ने भारत की सांस्कृतिक एकता और साझा विरासत पर जोर देते हुए कहा कि धर्म चाहे जो भी हो, भारत के लोगों की जड़ें एक ही हैं। उन्होंने इसी संदर्भ में “DNA में महादेव” वाली टिप्पणी की, जिसका उद्देश्य संभवतः भारतीय सभ्यता के प्राचीन जुड़ाव को रेखांकित करना था।
कई लोगों और संगठनों ने इसे भारतीय संस्कृति की समावेशी प्रकृति और साझा पूर्वजों के सम्मान के रूप में देखा। उनका तर्क है कि यह बयान कट्टरता को कम करने और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने वाला है।
जामिया के छात्रों के कुछ गुटों और विपक्षी नेताओं ने इसे शैक्षणिक संस्थान का “भगवाकरण” करने की कोशिश बताया है। आलोचकों का कहना है कि एक विश्वविद्यालय के प्रमुख को संवैधानिक मूल्यों और धर्मनिरपेक्षता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि धार्मिक टिप्पणियों पर।
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चूँकि जामिया मिलिया इस्लामिया एक ऐतिहासिक अल्पसंख्यक संस्थान है, इसलिए कुलपति का यह बयान और भी अधिक चर्चा का विषय बन गया है। कैंपस के भीतर इस बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन और सोशल मीडिया कैंपेन शुरू हो गए हैं।
यह पहली बार नहीं है जब किसी सार्वजनिक हस्ती ने ‘साझा DNA’ या ‘सांस्कृतिक जड़ों’ को लेकर टिप्पणी की हो, लेकिन शैक्षणिक संस्थान के शीर्ष पद से आए इस बयान ने ‘आस्था बनाम पहचान’ की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है।
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