कांग्रेस ने सरकार पर लगाया गंभीर आरोप, कहा जाती जनगणना में OBC कॉलम क्यों नहीं
नई दिल्ली: कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार ने एक गहरी साजिश के तहत जाति जनगणना से अन्य पिछड़ा वर्ग ओबीसी (OBC) कैटेगरी को जान-बूझकर हटा दिया है। कांग्रेस का आरोप है की मोदी सरकार पर आरोप लगाया।
पार्टी के ओबीसी विभाग के प्रमुख अनिल जयहिंद ने सोमवार को कहा कि जनगणना प्रश्नावली में ओबीसी के लिए अलग कॉलम न रखना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है और इससे समुदाय की आबादी के सही आंकड़े सामने नहीं आ पाते हैं।
जनगणना-2027 के दौरान जाति की प्रविष्टि किस प्रकार होगी?
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वैज्ञानिक और पारदर्शी तरीके से जाति जनगणना कराने के बजाय एक ऐसी प्रक्रिया अपना रही है जो ओबीसी को सरकारी आंकड़ों से बाहर करती है और इसके पीछे ‘मनुवादी’ व्यवस्था काम कर रही है। 14 अगस्त को जारी नोटिफिकेशन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि प्रश्नावली के 10वें सवाल में ओबीसी कैटेगरी को लिस्ट करने का कोई कॉलम नहीं है।
वहीं, कांग्रेस नेता सुभाषिनी शरद यादव ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में जातियों का स्वरूप और मौजूदगी अलग-अलग होती है, इसलिए जनगणना में जातियों की सही पहचान होनी चाहिए।
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भारत सरकार ने 2027 की जनगणना में जाति दर्ज करने का यही एकमात्र तरीका है। 14 अगस्त 2026 को, भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय ने जनसंख्या जनगणना के लिए 40 सवालों वाला एक नोटिफिकेशन जारी किया। जिसमे सबसे बड़ा बदलाव सवाल नंबर 10 सबसे ज्यादा चर्चा में है, जिसमें ‘अनुसूचित जाति (SC)/अनुसूचित जनजाति (ST) जाती को एक साथ जोड़ा गया है।
जनगणना 2027 में कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे जो 2011 की जनगणना 29 सवाल से काफी अधिक है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि आजाद भारत में इतिहास में पहली बार, SC और ST के आलावा बाकि सभी जातियों की भी गिनती की जाएगी।
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