अभिजीत दिपके और सीजेपी नेताओं ने केंद्र सरकार पर बोला हमला
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रवेश करने, प्रदर्शन करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 14 सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की है।
पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 की सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और उनके अन्य साथी निजी परिसर के रास्ते जंतर-मंतर पहुंचे, जिसे अब प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थल नहीं माना जाता है।
रोकने पर पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और सरकारी कामकाज में बाधा डालने का आरोप है, जिसके बाद कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों में कई गंभीर धाराओं (जैसे एफआईआर नंबर 289/26 और 128/26) के तहत मामले दर्ज किए गए।
न्यायिक हिरासत और जमानत का फैसला
न्यायालय में पेशी के बाद मजिस्ट्रेट ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि अजिंक्य शिंदे को छह महीने तक शांति बनाए रखने के मुचलके पर पाबंद कर जमानत दे दी गई।
इसे भी पढ़ें: 36 मौतों के आरोपी अफसर को बड़ी जिम्मेदारी; भड़के जीतू पटवारी
इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके और जेल से बाहर आने के बाद अजिंक्य शिंदे ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने इसे ‘अघोषित इमरजेंसी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि तिरंगा लहराने और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने पर नेताओं को जेल भेजा जा रहा है। साथ ही, उन्होंने वकीलों से न मिलने देने और अपनी ताकत के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया है।
दूसरी ओर, सीजेपी के वकील ने कहा है कि वे कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपियों की जमानत के लिए उचित कदम उठाएंगे।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
