हंगामे पर अजय राय की माफी: बोले- कांग्रेस नहीं छोड़ूँगा, बनारस से सांसद बनने का है सपना
लखनऊ: कांग्रेस दफ्तर में हुए हंगामे के बाद वरिष्ठ नेता अजय राय ने सामने आकर माफ़ी मांगी है। उन्होंने साफ़ शब्दों में कहा कि अगर उनके लोगो की तरफ से किसी के साथ भी बदतमीजी या गाली-गलौज हुई है, तो वे हाथ जोड़कर क्षमा मांगते हैं।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाए जाने के फैसले पर उन्होंने खुलकर कहा कि उन्हें इस बात का जरा भी अफसोस नहीं है, क्योंकि सियासत में कोई भी पद हमेशा के लिए नहीं होता। वे पार्टी के वफादार सिपाही हैं और हाईकमान के हर फैसले का सम्मान करेंगे।
पार्टी छोड़ने की चर्चाओं पर विराम
कांग्रेस नेता अजय राय ने पार्टी छोड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए खुद को पार्टी का सच्चा कार्यकर्ता बताया और राहुल गांधी को एक संघर्षशील और बेहतरीन नेता की तारीफ से नवाजा।
प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने पर उन्होंने कहा कि राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता और पद देना या लेना पार्टी का निर्णय है, जिससे उन्हें कोई दुख नहीं है बल्कि जनता के सुख-दुख में खड़े रहने की खुशी है।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके हटने में सपा गठबंधन की कोई भूमिका नहीं है और वाराणसी से सांसद बनना उनका सपना है। इसके अलावा, भाई की हत्या के मामले में सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर सरकार न्याय का श्रेय लेना चाहती है, तो उसे मुख्तार अंसारी के बरी होने और कृष्णानंद राय हत्याकांड में गवाहों के पलटने की जिम्मेदारी पर भी जवाब देना चाहिए।
अजय राय ने साफ़ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद भी वे कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी पूरी निष्ठा जताते हुए कहा कि वे हमेशा की तरह एक अनुशासित सिपाही बनकर रहेंगे। उनका कहना है कि भविष्य में संगठन उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगा या जो भी आदेश जारी करेगा, वे उसका पूरी ईमानदारी से पालन करेंगे।
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