अखिलेश और ओवैसी का सरकार पर वार: “बिना मुस्लिम और OBC कोटे के यह बिल सिर्फ एक ‘धोखा’ है”

अखिलेश और ओवैसी का सरकार पर वार: “बिना मुस्लिम और OBC कोटे के यह बिल सिर्फ एक ‘धोखा’ है”

नई दिल्ली। संसद के विशेष सत्र में संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुस्लिम महिलाओं का मुद्दा उठाकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। चर्चा में भाग लेते हुए अखिलेश यादव ने पूछा- क्या मुस्लिम महिलाएं इस हक का हिस्सा नहीं? भाजपा सरकार केवल सुर्खियां बटोरने के लिए आरक्षण का मुद्दा ला रही है।

वहीं एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार और मुख्य विपक्षी दल दोनों पर कड़ा प्रहार किया। ओवैसी ने बिल का पुरजोर विरोध करते हुए इसे ‘महिला विरोधी’ और ‘मुस्लिम विरोधी’ करार दिया। उन्होंने सीधे तौर पर सरकार से सवाल किया कि इस 33% आरक्षण के भीतर मुस्लिम और ओबीसी (OBC) महिलाओं के लिए अलग से कोटा क्यों नहीं रखा गया है।

उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि संसद में मुस्लिम महिलाओं का प्रतिनिधित्व पहले से ही नगण्य है और इस बिल के वर्तमान स्वरूप से उनका बचा-कुचा प्रतिनिधित्व भी खत्म हो जाएगा।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह बिल केवल ‘सवर्ण महिलाओं’ को और अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए लाया गया है। ओवैसी ने अखिलेश यादव की बात का समर्थन करते हुए पूछा कि “क्या इस देश की मुस्लिम महिलाएं ‘भारत की बेटी’ नहीं हैं?” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी से वंचित रख रही है।

भाषण के दौरान ओवैसी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि जो लोग आज ‘कोटे के भीतर कोटे’ की बात कर रहे हैं, उन्होंने अपने समय में इसे क्यों नहीं लागू किया। उन्होंने इस विधेयक को ‘धोखा’ बताते हुए कहा कि इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़कर सरकार ने इसे भविष्य के लिए लटका दिया है। ओवैसी ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि उनकी पार्टी इस बिल का तब तक समर्थन नहीं करेगी जब तक इसमें ‘कोटा के भीतर कोटा’ सुनिश्चित नहीं किया जाता।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।