नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से ‘दिमागी नक्सलियों’ पर दिए बयान के बाद, अब AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी भी इस विवाद में शामिल हो गए। मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकल मंदिर के एक नए फुट ओवरब्रिज पर 300 से ज्यादा सिक्योरिटी गार्ड्स के एक साथ कूदने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
यह पुल की मजबूती और वजन जांचने के लिए किया गया था। इस वीडियो को सहारा बनाते हुए ओवैसी ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि “ये तो गजब के…दिमागी है।”
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में 91 फीट लंबे इस फुट ओवरब्रिज का लोड टेस्ट सावन की सोमवारी और नागपंचमी के मौके पर भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए किया गया था। इस 10 मिनट के परीक्षण के दौरान सुरक्षा गार्ड्स को पुल पर उछलने के लिए कहा गया था, ताकि इसकी भार सहन करने की क्षमता को परखा जा सके।
हालांकि, इस अनूठे टेस्ट को लेकर अब सुरक्षा और व्यवस्था पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं और शेयर किए जा रहे वीडियो पर यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि अगर टेस्ट के दौरान पुल गिर जाता और गार्ड हताहत हो जाते, तो इसका जिम्मेदार कौन होता।
PM मोदी के बयान पर ओवैसी से पहले कांग्रेस नेता पी चिदंबरम और आम आदमी पार्टी के मुख्य नेता अरविंद केजरीवाल ने भी तीखा विरोध जताया है और अब ओवैसी के इस तंज ने इस राजनीतिक व सामाजिक बहस को और तेज कर दिया है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.