राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 79.85 लाख रुपये बरामद; 8 आरोपी जेल भेजे गए, अभी कई बड़े चेहरों से उठेगा पर्दा!

राम मंदिर चढ़ावा चोरी: 79.85 लाख रुपये बरामद; 8 आरोपी जेल भेजे गए, अभी कई बड़े चेहरों से उठेगा पर्दा!

अयोध्या। अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा आस्था से चढ़ाए गए दान की राशि में गबन और चोरी के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला मोड़ आया है। पुलिस और जांच एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों के पास से 79,85,493 रुपये (लगभग 80 लाख रुपये) की बड़ी नगदी बरामद कर ली है।

शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सभी आठों आरोपियों को अयोध्या (फैजाबाद) की सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। करीब एक घंटे से अधिक चली तीखी बहस के बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 29 जून (सोमवार) तक के लिए न्यायिक हिरासत  में जेल भेज दिया है। सोमवार को इन्हें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से जुड़ी लखनऊ की विशेष अदालत (Special Court) में पेश किया जाएगा।

सिर्फ ‘मोहरे’ आए गिरफ्त में, ‘मास्टरमाइंड’ की तलाश जारी

जांच से जुड़े सूत्रों और अभियोजन पक्ष के बयानों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि जेल भेजे गए ये 8 आरोपी तो महज ‘कठपुतलियां’ या मोहरे हैं। इस महापाप और महाघोटाले के पीछे अभी कई सफेदपोश और रसूखदार बड़े चेहरे शामिल हैं, जिन्हें बेनकाब करना बाकी है।

प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (अभियोजन अधिकारी) केसी वर्मा ने कोर्ट परिसर में मीडिया से बात करते हुए साफ कहा,”इस पूरी साजिश में सरकारी व्यवस्था और बैंकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के भी 5 से 6 कर्मचारी शामिल हैं, जो सरकारी वेतन पाते हैं और दान राशि के प्रबंधन का जिम्मा संभाल रहे थे। सोमवार को स्पेशल कोर्ट से इनकी पुलिस रिमांड मांगी जाएगी, जिसके बाद पूछताछ में कई और बड़े नामों का खुलासा होना तय है।”

रिकवरी का विवरण: किस आरोपी से क्या मिला?

पुलिस के अनुसार, साजिश में शामिल लगभग सभी आरोपियों के पास से चोरी की गई नगदी बरामद हो चुकी है।

रिकवरी की कुल रकम: ₹79,85,493

सुभाष श्रीवास्तव (गणना प्रभारी): केवल इस आरोपी से कैश की सीधी बरामदगी नहीं हुई है, लेकिन जांच में यह पाया गया कि वह पूरी आपराधिक साजिश  का मुख्य सूत्रधार था और उसी की शह पर पूरी हेराफेरी हो रही थी।

अन्य 7 आरोपी: रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (चंपत राय का पूर्व ड्राइवर), अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा और मनीष कुमार यादव के ठिकानों और बैंक खातों से अलग-अलग किस्तों में करीब 80 लाख रुपये सीज और बरामद किए गए हैं।

एसबीआई (SBI) कर्मचारियों की भूमिका ने चौंकाया

इस मामले में सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के 5-6 कर्मचारी इस घिनौने कृत्य में सीधे तौर पर शामिल थे। ये कर्मचारी मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती और उसे बैंक में सुरक्षित जमा कराने के लिए तैनात किए गए थे, लेकिन इन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए रमाशंकर यादव (टिन्नू) और अनुकल्प मिश्रा के गैंग के साथ मिलकर करोड़ों रुपये के चढ़ावे पर हाथ साफ कर दिया।

चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे की अफवाह; विपक्ष हमलावर

इस बीच चढ़ावा चोरी मामले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा अपने पदों से इस्तीफा दिए जाने की अफवाह सामने आ रही है।हालांकि अभी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए नैतिक आधार पर यह कदम उठाया।

उधर, विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार और ट्रस्ट पर लगातार हमलावर है। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को ‘महापाप’ बताते हुए एसटीएफ/एसआईटी की जांच पर नजर रखने की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए हैं कि आस्था के केंद्र से चोरी करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे उसका संबंध किसी भी स्तर पर क्यों न हो।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।