बकरीद 2026: 17 मई को नहीं दिखा ज़िल हिज्ज का चांद, अब 28 मई को देश भर में मनेगी ईद-उल-अज़हा

बकरीद 2026: 17 मई को नहीं दिखा ज़िल हिज्ज का चांद, अब 28 मई को देश भर में मनेगी ईद-उल-अज़हा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया और सुन्नी चांद कमेटियों ने ज़िल हिज्ज के चांद को लेकर बड़ा ऐलान कर दिया है। मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली और मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने संयुक्त रूप से घोषित किया है। कि इस साल बकरीद (ईद-उल-अज़हा) 28 मई को मनाई जाएगी।

मौलाना सैफ अब्बास नकवी के अनुसार, रविवार 17 मई को ज़िल हिज्ज का चांद दिखाई नहीं दिया, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।

वहीं, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने स्पष्ट किया कि चांद न दिखने के कारण अब 19 मई को ज़िल हिज्ज महीने की पहली तारीख होगी।

इस घोषणा के साथ ही मुस्लिम समुदाय में बकरीद को लेकर तैयारियां काफी तेज हो गई हैं। शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है।

और लोग खरीदारी के साथ-साथ कुर्बानी के लिए जरूरी इंतजामों में जुट गए हैं। इस बीच, धर्मगुरुओं ने सभी से इस पवित्र त्योहार को पूरे अमन, भाईचारे और सादगी के साथ मनाने की विशेष अपील की है।

गौरतलब है। कि बकरीद इस्लाम धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की महान कुर्बानी की याद में मनाया जाता है। इस मुबारक मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोग ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज़ अदा करने के बाद सुन्नत-ए-इब्राहिमी के तहत कुर्बानी करते हैं। इसके बाद इस कुर्बानी के मांस को गरीबों, जरूरतमंदों और रिश्तेदारों के बीच तकसीम (वितरित) किया जाता है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।