राम मंदिर चोरी विवाद पर सीएम योगी की पहली प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री ने अयोध्या दौरे के दौरान मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया है, जो निष्पक्ष तरीके से तथ्य सामने लाएगा
अयोधिया: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को पहली बार अयोध्या पहुंचकर एक जनसभा को संबोधित किया, जहां उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और चौरी-चौरा व काकोरी जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेजों के दमन के बाद भी देश का युवा नहीं दबा।
उन्होंने वीरांगना झलकारी बाई, रानी लक्ष्मीबाई, अवंतीबाई और उदादेवी पासी के योगदान को याद करते हुए बताया कि सरकार ने राष्ट्रनायकों के सम्मान में कई अभियान शुरू किए हैं और वीरांगनाओं के नाम पर तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन किया है, जिनमें सिर्फ बेटियों की भर्ती होगी।
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इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके चरित्र को दोहरा बताया और कहा कि कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले आज उपदेश दे रहे हैं, जबकि अयोध्या विवाद पर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठा दी गई है जो ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ करेगी, इसलिए किसी को भी रामभक्तों को आहत करने वाली अनर्गल टिप्पणी नहीं करनी चाहिए।
सीएम योगी ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले की सरकार में इच्छाशक्ति और संवेदना की कमी थी, जिसके कारण गरीबों को राशन, शौचालय और सड़कें नहीं मिलीं; उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सिर्फ अपने परिवार के विकास और ‘कब्रिस्तान की बाउंड्री’ तक सीमित थे, जबकि आज का नया उत्तर प्रदेश हर गरीब के विकास और राष्ट्रनायकों के सम्मान के लिए काम कर रहा है।
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