कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ FIR, विदेशी फंडिंग का आरोप

कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ FIR, विदेशी फंडिंग का आरोप

जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के खिलाफ दिल्ली में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आंदोलन के लिए विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया गया है

नई दिल्ली। नीट (NEET) और परीक्षा प्रणालियों में सुधार को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशव्यापी आंदोलन कर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब बड़े कानूनी विवाद में फंसती नजर आ रही है।

दिल्ली पुलिस ने सीजेपी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दिपके के खिलाफ एक औपचारिक प्राथमिकता (FIR) दर्ज की है। इस एफआईआर में सबसे गंभीर आरोप आंदोलन को हवा देने के लिए गैर-कानूनी तरीके से ‘विदेशी फंडिंग’ (Foreign Funding) का इस्तेमाल करने का लगाया गया है।

यह एफआईआर ऐसे समय पर दर्ज हुई है जब शनिवार को ही बोस्टन (अमेरिका) से लौटे अभिजीत दिपके के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हजारों युवाओं का हुजूम उमड़ा है।

क्या हैं FIR में लगाए गए गंभीर आरोप?

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के एक स्थानीय निवासी और सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में मुख्य रूप से तीन बातें कही गई हैं:

विदेशी खातों से फंडिंग का संदेह: शिकायतकर्ता का आरोप है कि अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहे अभिजीत दिपके ने इस पूरे आंदोलन को सोशल मीडिया पर खड़ा करने और जंतर-मंतर पर भीड़ जुटाने के लिए विदेशी स्रोतों (Foreign Sources) से बड़ी मात्रा में धन प्राप्त किया है।

FCRA नियमों का उल्लंघन: बिना सरकारी अनुमति और एफसीआरए (Foreign Contribution Regulation Act) के नियमों का पालन किए बिना विदेशों से फंड लेना भारत में कानूनन अपराध है।

देश को अस्थिर करने की साजिश: शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि छात्रों के गुस्से का इस्तेमाल कर देश की चुनी हुई सरकार और शिक्षा व्यवस्था की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल करने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है।

‘एक भी रुपया बाहर से नहीं आया’: अभिजीत दिपके की सफाई

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच ही एफआईआर दर्ज होने की खबर पर CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंच से ही अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने विदेशी फंडिंग के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।

अभिजीत दिपके ने कहा, “जब सरकार युवाओं के जायज सवालों का जवाब नहीं दे पाती, तो वह हमेशा ऐसे ही हथकंडे अपनाती है। हमारा आंदोलन पूरी तरह से ‘क्राउडफंडेड’ (आम जनता के सहयोग से निर्मित) है। देश के आम छात्रों और नागरिकों ने ₹10, ₹20 और ₹50 का योगदान देकर इस आंदोलन को खड़ा किया है। हमारे पास एक-एक पैसे का हिसाब है। हम किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं, क्योंकि ‘कॉकरोच’ कभी नहीं डरते।”

सोनम वांगचुक का मिला समर्थन:

पुलिस जांच में जुटीइस बड़े विवाद के बीच, मशहूर शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में डटे हुए हैं। उन्होंने युवाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी फर्जी एफआईआर से इस आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता।

वहीं दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) इस मामले की प्राथमिक जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि CJP के बैंक खातों, सोशल मीडिया कैंपेन के खर्चों और हाल ही में हुए ट्रांजैक्शन्स की कड़ाई से जांच की जाएगी ताकि सच सामने आ सके। जंतर-मंतर पर फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।