छात्र लाठीचार्ज और नेताओं की हिरासत पर भड़की कांग्रेस, संसद में विपक्ष का भारी हंगामा
संसद के पास छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी और हिबी ईडन ने सरकार को घेरा, वहीं विपक्षी सांसदों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना के बावजूद विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और उन पर छात्रों की भावनाओं का गलत इस्तेमाल करने का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना नेम टैग वाले लोगों ने अंदर आकर हमला किया।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि 20 जुलाई को सीजेपी मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने भारी हिंसा की, जिसमें पथराव, बैरिकेड तोड़ने और 15 से 20 सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ शामिल थी।
पुलिस के मुताबिक इस हिंसा में वरिष्ठ अधिकारियों समेत 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे, जिसके बाद ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई।
इस पुलिस कार्रवाई और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, जबलपुर और भुवनेश्वर जैसे कई राज्यों में व्यापक प्रदर्शन किए और केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने का आरोप लगाया।
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इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने बुधवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग करने और मौलिक अधिकारों के हनन पर तुरंत चर्चा की मांग की।
उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली में कमियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हजारों छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल पर सदन मूकदर्शक नहीं बना रह सकता।
वहीं, विपक्षी सांसदों ने बुधवार सुबह संसद के मकर द्वार पर एकजुट होकर नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई गड़बड़ियों और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
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