पीएम-दक्ष योजना पर विवाद: कांग्रेस का केंद्र पर तंज, कहा ‘झोला उठाने का समय आ गया’
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को पीएम-दक्ष (प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही) योजना को लागू करने में गंभीर खामियों का आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस ने कहा है कि जो सरकार एक योजना को भी प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर सकती, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और अब प्रधानमंत्री का ‘झोला उठाने का वक्त आ गया है’।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “‘नाम बड़े और दर्शन छोटे!’ योजना प्रधानमंत्री के नाम पर है, लेकिन जमीन पर इसके नतीजे उनके दावों की तरह पूरी तरह शून्य हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों, घुमंतू जनजातियों और सफाई कर्मचारियों को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर बढ़ाना था, लेकिन मोदी सरकार का असली एजेंडा केवल बड़े-बड़े विज्ञापन देना और जमीनी स्तर पर काम न करना है।
रमेश ने कहा कि पीएम-दक्ष योजना को दो साल तक लागू नहीं किया जाना और पिछले वर्षों में आवंटित बजट का इस्तेमाल नहीं होना, मोदी सरकार की एक और बड़ी नाकामी को उजागर करता है।
उन्होंने दावा किया कि वंचित वर्गों को कौशल, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना को केंद्र सरकार ने महज कागजी कार्रवाई तक सीमित कर दिया है।
कांग्रेस नेता बोले- झोला उठाने का वक्त आ गया है
कांग्रेस नेता ने कहा, “जो सरकार एक योजना को भी प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर सकती, जिसका नाम खुद प्रधानमंत्री के नाम पर है और जिसे बड़े-बड़े दावों के साथ शुरू किया गया था, उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।”
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रमेश ने कहा, “पीएम मोदी, आपकी सरकार ने लोगों का भरोसा खो दिया है। इसकी विदाई की तारीख करीब है। ‘झोला उठाने का वक्त आ गया है’।
मोदी सरकार आखिर कब तक जेन-जी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करती रहेगी उन्होंने सवाल उठाया कि क्या 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 240 सीटों पर सिमटने के बाद मोदी सरकार अनुसूचित जातियों, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों और विमुक्त, घुमंतू तथा अर्ध-घुमंतू जनजातियों से बदला ले रही है?
कौशल विकास के लिए पीएम-दक्ष योजना
पीएम-दक्ष योजना की शुरुआत वित्त वर्ष 2020-21 में केंद्र सरकार द्वारा की गई थी। यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य लक्षित वर्गों के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाले संस्थानों के माध्यम से बेहतर कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है, ताकि वे प्रशिक्षण के बाद रोजगार या स्वरोजगार प्राप्त कर सकें।
इस योजना के तहत अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग EWS, विमुक्त और घुमंतू जनजातियां (DNTs), तथा सफाई कर्मचारी (कचरा बीनने वाले सहित) लक्षित लाभार्थी हैं।
इस बीच, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने 16 अक्टूबर 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना में पीएम-दक्ष योजना के अंतर्गत प्रमाणीकरण से जुड़े प्रावधानों को शामिल किया है।
इस अधिसूचना में पहचान सत्यापन, नामांकन प्रक्रिया के साथ-साथ उन परिस्थितियों के लिए वैकल्पिक दस्तावेजों के इस्तेमाल की प्रक्रिया भी स्पष्ट की गई है, जहां प्रमाणीकरण सफल नहीं हो पाता है या किसी व्यक्ति के पास यह संख्या उपलब्ध नहीं होती है।
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