AMU हॉस्टल में डेंटिंग ऐप रैकेट: वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गैंग का पर्दाफाश, BBA छात्र गिरफ्तार

AMU हॉस्टल में डेंटिंग ऐप रैकेट: वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले गैंग का पर्दाफाश, BBA छात्र गिरफ्तार

नई दिल्ली: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के विकारुल मुल्क (VM) हॉस्टल में डेंटिंग ऐप्स के जरिए युवको को फंसाकर ब्लेकमेल करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह गेंग पिछले 6 महीनो से ऑनलाइन ऐप्स के माध्यम से लोगो से दोस्ती करता था और फिर मुलाकात के बहाने उन्हे हॉस्टल बुलाकर जबरन आपत्तिजनक वीडियो बना लेता था।

इसके बाद वीडियो को इंटरनेट पर वायरल करने की धमकी देकर उनसे मोटि रकम वसूली जाती थी। पोलिस ने इस मामले में तत्परता दिखते हुए एएमयू के एक बीबीए छात्र को दबोच लिया है जबकि गिरोह में शामिल उसके तीन अन्य साथियो और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी है।

डेटिंग ऐप से ब्लैकमेलिंग: AMU में गिरोह का पर्दाफाश

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के VM हॉल में डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को बुलाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ है।

AMU में कार्यरत एक कर्मचारी के 19 वर्षीय बेटे ने पुलिस को बताया कि 17 अगस्त को डेटिंग ऐप के माध्यम से उसे VM हॉल बुलाया गया, जहाँ आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे वायरल करने की धमकी दी और ब्लैकमेल करते हुए उससे कुल 25,000 रुपये (जिसमें 5,600 रुपये जबरन छीने गए थे) वसूल लिए।

पिता के सख्ती से पूछने पर जब बेटे ने पूरी बात बताई, तो उन्होंने सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया, जिसके बाद पुलिस और साइबर सेल की जांच में सामने आया कि यह गिरोह अब तक करीब 26 लोगों को निशाना बना चुका है, जिनसे लगभग सात लाख रुपये वसूले गए हैं और एक अन्य पीड़ित से 60 हजार रुपये लिए जाने की भी पुष्टि हुई है।

डिजिटल साक्ष्य और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक BBA छात्र के मोबाइल फोन से लगभग 15 अन्य आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं, और शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पिछले 6 महीने से दिल्ली-NCR की एक घटना से प्रेरित होकर इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहा था, फिलहाल पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान करने और उनकी तलाश में जुटी हुई है।

इस मामले में पुलिस अब मोबाइल फोन, चैट्स और बैंक अकाउंट्स खंगालकर डिजिटल साबुत जुटाने में लगी है। जाँच टीम यूपीआई ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साफ़ हो सके कि ब्लेकमेलिंग के जरिए वसूले गए 7 लाख रूपये किस-किस के खाते में भेजे गए है।

पुलिस इस पुरे रैकेट की कड़ियाँ जोड़ने के साथ ही फरार चल रहे बाकि आरोपियों को दबोचने के लिए छापेमारी कर रही है। इसके साथ ही गेंगे का शिकार हुए दूसरे संभावित पीड़ितों की पहचान करने की कोशिश भी तेज कर दी गई है जिससे आने वाले दिनों में इस बड़े नेटवर्क को लेकर कई और चौकाने वाले खुलासे हो सकते है।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं