दीपेंद्र हुड्डा का बड़ा बयान: राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान से समझौता बर्दाश्त नहीं
नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मल्लिकार्जुन खरगे की बैठक में RSS कार्यकर्ता के पहुंचने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि मल्लिकार्जुन खरगे एक राष्ट्रीय पार्टी के वरिष्ठ अध्यक्ष हैं और उम्र के इस पड़ाव पर उनके पद और सम्मान का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए।
हुड्डा ने सवाल उठाया कि इस तरह किसी दूसरी विचारधारा के व्यक्ति का उनकी निजी बैठक में घुस जाना बेहद गलत तरीका है और देश में सामाजिक मर्यादा व आपसी सम्मान हर हाल में बना रहना चाहिए।
खरगे के अपमान पर हुड्डा का तीखा हमला
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुए दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे बुजुर्गों के प्रति असम्मानजनक और दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया, साथ ही उन्होंने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली में हरियाणा से रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी का दावा किया।
हुड्डा ने हरियाणा चुनावों में केवल 14,000 वोटों का अंतर होने और चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का हवाला देते हुए बीजेपी और चुनाव आयोग पर वोट चोरी तथा मिलीभगत का आरोप लगाया, जिसके खिलाफ लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को बहाल करने के लिए यह रैली बुलाई गई है।
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वहीं, एआईसीसी पर्यवेक्षक नीतू वर्मा ने बताया कि महिलाएं, पुरुष और युवा भारी संख्या में दिल्ली पहुंचकर मार्च करेंगे और प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री आवास तक अपनी आवाज पहुंचाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने तथा वोटर लिस्ट से हटाए गए करोड़ों नाम वापस जोड़ने की मांग करेंगे।
दीपेंद्र हुड्डा ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा है कि सरकार कांग्रेस के बढ़ते प्रभाव से पूरी तरह घबरा गई है और उनके पास अब कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। उनका मानना है कि राहुल गांधी के बुलावे पर 18 अक्टूबर को दिल्ली में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम और वहां के माहौल को देखकर सरकार अंदर से डर गई है, इसीलिए वे ध्यान भटकाने के लिए मनगढ़ंत बातें बना रहे हैं।
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