दिल्ली दंगे: उम्रकैद के खिलाफ हाई कोर्ट पहुंचा ताहिर हुसैन, अंकित शर्मा हत्याकांड में दी चुनौती
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
नई दिल्ली: IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व खुद को मिली आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा को चुनौती दी है। उन्होंने इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में एक अपील दायर की है जिस पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की उम्मीद है।
वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान आईबी के सुरक्षाकर्मी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन और उनके चार साथियों नजीर, आसिम, जावेद और अनास को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने इन सभी को 13 जुलाई को दोषी करार दिया था और 31 जुलाई को यह फैसला सुनाया। ज्ञात हो कि 24 फरवरी 2020 को नागरिकता संशोधन कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई हिंसा के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें भड़क उठी थीं, जिसमें कम से कम 53 लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
इसे भी पढ़ें: “बीजेपी का लंकाकांड अयोध्या से ही होगा…” राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर अखिलेश यादव का सबसे तीखा हमला
इसी हिंसा के दौरान जब अंकित शर्मा दयाल पुर इलाके में भीड़ को शांत करने और कानून हाथ में न लेने की अपील कर रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया और उनकी हत्या कर शव को एक नाले में फेंक दिया था, जिसका क्षत-विक्षत शव बाद में बरामद हुआ था।
पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमरोह का रहने वाला है और अपने पांच भाइयों में सबसे बड़ा है। उसने साल 2017 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता और पार्षद बना जहां चुनावी हलफनामे के अनुसार उसकी घोसित संपत्ति 18 करोड़ रुपये थी। साल 2020 के दिल्ली दंगों में मुख्य आरोपी के रूप में नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी ने उसे तुरंत पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
