शांति की राह में बढ़ी दूरियां: अमेरिका के साथ बैठक से ईरान का इंकार
नई दिल्ली(इंटरनेशनल डेस्क)। ईरान और अमेरिका के बीच मंगलवार को प्रस्तावित शांति वार्ता पर बरकरार है। ईरान और अमेरिका एक दूसरे से बातचीत करेंगे या नहीं, यह अभी तक साफ़ नहीं हो पाया है।
हालांकि अमेरिका ने कहा है कि शांति वार्ता के लिए उसके प्रतिनिधि सोमवार को इस्लामाबाद पहुँच रहे हैं। वहीं अमेरिका से बातचीत को लेकर ईरान ने अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया है।
ईरान ने अमेरिका पर अत्यधिक मांगें रखने का आरोप लगाया है। उसके मुताबिक, अमेरिका की अव्यावहारिक शर्तें, बार-बार रुख बदलना और विरोधाभासी बयानबाजी बातचीत में बाधा बन रही हैं।
ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी युद्धविराम के समझौते का उल्लंघन है और इससे हालात और खराब हो रहे हैं। तेहरान का कहना है कि इन परिस्थितियों में सकारात्मक बातचीत की संभावना बहुत कम है।
ईरान ने अमेरिका पर ‘ब्लेम गेम’ खेलने का भी आरोप लगाया है। उसने कहा कि अमेरिका जानबूझकर यह खबर फैला रहा है कि ईरान बातचीत में शामिल होगा, ताकि उस पर दबाव बनाया जा सके।
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होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकाबंदी से नाराज़ ईरान ने कल कहा था कि पहले इस क्षेत्र से अमेरिकी दखल खत्म किया जाए उसके बाद ही बातचीत पर कोई फैसला लिया जायेगा।
दरअसल, होर्मुज में ईरान और अमेरका के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। ईरान का झंडा लगे मालवाहक जहाज़ पर अमेरिका द्वारा कब्ज़े के बाद ईरान ने ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य पोतों पर ड्रोन हमले किए हैं।
ईरान की सबसे बड़ी सैन्य कमांड इकाई ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने जवाबी कार्रवाई की पहले ही चेतावनी दी थी और अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताया था। उसने कहा था कि वह “अमेरिकी नौसेना की इस हथियारबंद लूट का जवाब देगा।” अमेरिका के इस कदम के बाद ईरान ने होर्मुज को पूर्णतः बंद करने का एलान का दिया और इस क्षेत्र में अपनी नाकेबंदी बढ़ा दी है।
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