चुनाव आयोग विवाद: राहुल गांधी और विपक्ष पर भाजपा के मुख्यमंत्रियों का चौतरफा हमला
नई दिल्ली: चुनाव आयोग विवाद पर कांग्रेस को घेरने के लिए भाजपा ने अपने दिग्गज मुख्यमंत्री को मैदान में उतारा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने साफ कहा कि वोटर लिस्ट पुनरीक्षण SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्ष केवल भ्रम फैला रहे हैं जो देश के लोकतंत्र को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश है।
वोटर लिस्ट विवाद पर सीएम योगी का पलटवार
CM योगी ने कहा कि कांग्रेस, सपा, आरजेडी सब हायतौबा मचा रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि देश में पहले भी एसआईआर हुआ है ।
विपक्ष के लोग हार पर चुनाव आयोग को दोष देते हैं और जीतने पर कुछ नहीं बोलते कांग्रेस को संवैधानिक मुल्यों पर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि EVM के कारण कांग्रेस की कई राज्यों में और केंद्र में सरकार बनी उसे ब्लैक बॉक्स कहना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हिमंत बिस्वा सरमा ने संस्थानों पर हमलों को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी को आड़े हाथों लिया है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस देश की हर संवैधानिक संस्था चाहे वह न्यायपालिका हो, कैग हो या ईवीएम सभी को कटघरे में खड़ा करती है।
उन्होंने बालाकोट एयर स्ट्राइक और सेना के ऑपरेशन्स पर सवाल उठाने के लिए राहुल गांधी की देशभक्ति पर प्रश्नचिह्न लगाया।वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मांग की कि राहुल गांधी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने यह साफ कर दिया है कि सभी फैसले आपसी सहमति से लिए गए थे, फिर भी कांग्रेस ने आयोग को बदनाम करने के लिए झूठ फैलाया। सरमा के अनुसार, चुनाव हारने पर संस्थाओं पर हमला करना कांग्रेस का पुराना नाटक बन चुका है।
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राहुल गांधी पर फडणवीस का तीखा तंज
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। फडणवीस ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि कोई वोट चोरी नहीं हुई है, बल्कि राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है।
उन्होंने प्रधानमंत्री से उनका दिमाग ढूंढने के लिए एक कमेटी बनाने की मांग की और कहा कि चुनाव आयोग की जवाबदेही जनता के प्रति है, राजनीतिक दलों के प्रति नहीं।दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना ठीक है।
लेकिन चुनाव आयोग के अंदरूनी विचार-विमर्श या किसी आपत्ति को संस्था की विफलता नहीं कहा जा सकता। असली ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि आयोग का अंतिम फैसला क्या था और क्या वह पूरी तरह से कानूनी रूप से सही है।
सीएम धामी ने आगे कहा कि सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उन सवालों के जवाब संबंधित दस्तावेजों और संवैधानिक प्रक्रियाओं से मिलने चाहिए।
यह भी आरोप लगाया गया है कि विपक्ष का एकमात्र मकसद सिर्फ अपना एजेंडा चलाना और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना है। बयान के अनुसार सुप्रीम कोर्ट प्रशासनिक व्यवस्था और ईवीएम EVM पर बार-बार उंगली उठाना एक स्वस्थ लोकतंत्र की परंपराओं के बिल्कुल खिलाफ है।
इसके साथ ही तंज कसते हुए कहा गया कि कांग्रेस पार्टी का संगठन पूरी तरह बिखर चुका है और उसके नेता आजकल सिर्फ एक कॉमेडियन की तरह बर्ताव कर रहे हैं।
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