फॉर्म-6 विवाद: राहुल गांधी ने पूछा TCS को बदलाव का आदेश किसने दिया
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोटर रजिस्ट्रेशन के फॉर्म-6 में हुए बदलावों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे गैरकानूनी बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर पूछा कि आखिर इस फॉर्म में बदलाव करने का आदेश किसने दिया था। राहुल गांधी का दावा है कि इन नियमो को गलत तरीके से बदला गया है, और खुद चुनाव आयोग के आयुक्तों ने भी इस प्रक्रिया पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
चुनाव आयोग द्वारा एसआईआर प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों में फॉर्म-6 में किए गए एक बड़े बदलाव के बाद, जिसमें अब नाम कटने के बाद दोबारा नाम जुड़वाने के लिए 2003 की वोटर लिस्ट यानी माता-पिता या दादा-दादी के नाम की जानकारी देने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है।
टीसीएस (TCS) की भूमिका पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि चुनाव आयोग में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को यह बदलाव करने का आदेश किसने दिया, टीसीएस में इस पर किसने हस्ताक्षर किए और क्या ऐसा करने के लिए टीसीएस पर कोई दबाव डाला गया था।
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राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने भविष्य में बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर सभी जिलों में ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ शुरू करने का फैसला किया है और साथ ही सुप्रीम कोर्ट से एसआईआर से जुड़े मामलों पर जल्द सुनवाई करने की अपील भी की है।
भारतीय निर्वाचन आयोग ने नए वोटर रजिस्ट्रेशन नियमों में बदलाव करते हुए फॉर्म-6 के साथ जुड़े विशेष घोषणापत्र की अनिवार्यता को वापस ले लिया है। आयोग के बुधवार को जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम उन राज्यों में लागू होगा जहां मतदाता सूचि संशोधन की प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है। अब नए आवेदकों को रजिस्ट्रेशन के लिए अतिरिक्त घोषणापत्र के बजाय सिर्फ नियमित फॉर्म-6 जमा करना होगा।
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