UPA कार्यकाल में सरकार ने कभी चुनाव आयोग पर दबाव नहीं बनाया: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी

UPA कार्यकाल में सरकार ने कभी चुनाव आयोग पर दबाव नहीं बनाया: पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी

सरकार को चुनाव की तारीखों का पता हमेशा सबसे अंत में चलता था। हम सीधे प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारीखों का ऐलान करते थे और उसी वक्त सरकार को भी इसका पता चलता था

नई दिल्ली। देश के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) एस. वाई. कुरैशी ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA-2) के शासनकाल के दौरान उन्हें सरकार की तरफ से किसी भी तरह के दबाव या हस्तक्षेप का सामना नहीं करना पड़ा।

कुरैशी ने साफ शब्दों में कहा कि उनके कार्यकाल में चुनाव आयोग (ECI) की साख और छवि ऐसी मजबूत थी कि “कोई सरकार ऐसा करने (दबाव बनाने) की हिम्मत भी नहीं कर सकती थी।”

‘पीटीआई वीडियो’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार में जब कुरैशी से पूछा गया कि क्या 30 जुलाई 2010 से 10 जून 2012 के उनके कार्यकाल के दौरान उन पर कोई सरकारी दबाव था, तो उन्होंने कहा, “नहीं, बिल्कुल नहीं। दबाव का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। हमारी छवि इतनी मजबूत थी कि कोई हमसे इस तरह का संपर्क साधने की सोच भी नहीं सकता था।”

उन्होंने एक दिलचस्प वाकया साझा करते हुए बताया कि चुनाव की तारीखों को लेकर सरकार कितनी अनभिज्ञ रहती थी। कुरैशी ने कहा, “खुफिया ब्यूरो (IB) के अधिकारी केवल यह सुराग लगाने के लिए निर्वाचन सदन के आसपास घूमते रहते थे कि चुनाव कब घोषित होंगे। सरकार को चुनाव की तारीखों का पता हमेशा सबसे अंत में चलता था। हम सीधे प्रेस कॉन्फ्रेंस में तारीखों का ऐलान करते थे और उसी वक्त सरकार को भी इसका पता चलता था।”

जब पूर्व सीईसी से पूछा गया कि क्या आज के दौर में निर्वाचन आयोग की इस कार्यशैली और स्वतंत्रता में कोई बदलाव आया है, तो उन्होंने संभलकर जवाब दिया। कुरैशी ने कहा, “मुझे इस बारे में निश्चित तौर पर नहीं पता। मुझे नहीं लगता कि चीजें बदली हैं। मैं बस उम्मीद कर सकता हूँ कि ऐसा न हो, लेकिन मेरे पास मौजूदा स्थिति की कोई अंदरूनी जानकारी नहीं है।”

नई किताब ‘इंडिया एंड आई’ में साझा किए संस्मरण

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ने ये बातें अपनी नई पुस्तक ‘इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज़, नॉट ए मेमॉयर’ (Hachette India द्वारा प्रकाशित) के विमोचन के मौके पर कहीं। इस किताब में उनके निजी और पेशेवर जीवन से जुड़े 100 बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण प्रसंगों का संकलन है।

एस. वाई. कुरैशी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल मौजूदा चुनाव आयोग पर केंद्र सरकार के इशारे पर काम करने और पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, सरकार और निर्वाचन आयोग दोनों ने हमेशा इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।