CJP आंदोलन की ग्लोबल चर्चा: पाकिस्तानी बोले- ‘हमारे यहां तो लोग बिरयानी पर बिक जाते हैं’
जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने जेन-जी आंदोलन की शैली और एकजुटता से प्रभावित होकर नेपाल, श्रीलंका और पाकिस्तान के युवाओं ने सोशल मीडिया पर भारतीय युवाओं की जमकर सराहना की है
नई दिल्ली: जंतर मंतर पर हुआ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जेन-जी आंदोलन अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा है। इस अनोखे आंदोलन की गूंज अब नेपाल, श्रीलंका और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशो तक भी पंहुच गयी है।
इन देशो के युवाओ और सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने भारतीय युबाओ की जमकर तारीफ की है। वे खासकर इन बातो से प्रभावित हुए है।
नेपाल के अविनाश मिश्रा ने युवाओ का समर्थन किया, श्रीलंका के करतनिष्ट अवंथा आर्टिगाला ने सर्कार की विफलता पर केरिकेचर साझा किया, और मुंबई की रिया अहीर की पुलिस वैन के सामने डटी हुई तस्वीर की तुलना थ्येन आनमन चौक के ‘टैंक मैन’ से के जा रही है
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जश्न मानाने के लिए मुंबई के शिवजी पार्क में आयोजित शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे की रैली के बीच, सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के आंदोलन को पाकिस्तान से फंडिंग मिलने की खबरों पर व्यंग्य करते हुए पाकिस्तानी कंटेंट क्रिएटर बिलाल हसन ने कहा कि हमारे पास देश चलाने के लिए पैसे नहीं हैं, तो हम फंडिंग कैसे दे सकते हैं।
कई पाकिस्तानी युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने भारतीय जेन-जी की एकता, धार्मिक-जातीय मतभेदों से ऊपर उठकर खड़े होने की क्षमता और उनके अंदाज की जमकर सराहना की है।
‘कलेक्टिवली’ संगठन के एक ऑनलाइन सर्वेक्षण के अनुसार प्रतिदिन औसतन पाँच घंटे सोशल मीडिया पर बिताने वाले जेन-जी के लिए बढ़ती राजनीतिक चर्चाएँ मानसिक दबाव का बड़ा कारण बन रही हैं, जहाँ 65 प्रतिशत युवाओं ने राजनीतिक पोस्ट और वीडियो से मानसिक बेचैनी महसूस होने की बात कही, जबकि 36 प्रतिशत ने राजनीती के कारण अपने आपसी रिश्तो में तनाव बढ़ने की बात स्वीकार की है।
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