कभी भाजपा में शामिल नहीं होऊंगा: अभिजीत दीपके
जंतर मंतर आंदोलन के नेता अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का ऑफर मिलने के साथ ही धमकियां भी दी गयी थी जिसे उन्होंने सिरे से ख़ारिज करते हुए पार्टी जॉइन करने से साफ़ इनकार कर दिया है
नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए हालिया छात्र प्रदर्शनों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के युवा नेता और छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे अभिजीत दीपके ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का न्योता और ऐसा न करने पर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी।
एक मराठी चैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें डराने-धमकाने के लिए उनके माता-पिता को भी बीच में लाया गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि चाहे कितने भी प्रस्ताव मिल जाएं, वे कभी भाजपा में शामिल नहीं होंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वे उनके पोते की उम्र के हैं और 30 साल के युवा को इस तरह की धमकियां नहीं डरा सकतीं।
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गृह मंत्री अमित शाह को घेरते हुए छात्र नेता ने कहा कि यदि सरकार यह दावा कर रही है कि आंदोलन के लिए विदेश से फंडिंग आ रही है, तो यह सीधे तौर पर गृह मंत्रालय की प्रशासनिक विफलता है और ऐसे में यह सवाल उठता है कि देश का गृह मंत्रालय क्या कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के आदेश भी गृह मंत्रालय के इशारे पर दिए गए थे।
इसके अलावा, योग गुरु बाबा रामदेव के ‘जेनरेशन ज़ेड द्वारा संस्कृति बिगाड़ने’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए दीपके ने सलाह दी कि रामदेव युवाओं को सीख देने के बजाय अपने पतंजलि उत्पादों की बिक्री पर ध्यान दें। साथ ही, उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान की जगह प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर भी सवाल उठाए और कहा कि देश के चारों संवैधानिक स्तंभ खतरे में हैं तथा सत्ता पक्ष विरोध की आवाज़ दबाने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रहा है।
जेनरेशन ज़ेड के डिजिटल विरोध का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यदि आज का युवा प्रदर्शन के दौरान मोबाइल फोन से सच्चाई रिकॉर्ड कर रहा है, तो पुलिस-प्रशासन को इससे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने पुलिस को नसीहत दी कि उसे किसी भी राजनीतिक दल का मोहरा बनने के बजाय संविधान के दायरे में रहकर काम करना चाहिए।
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