राम मंदिर और पेपर लीक पर खरगे हमलावर: संसद में सरकार को घेरेगा विपक्ष
संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राम मंदिर चंदे, पेपर लीक और एथेनॉल मिश्रण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र शुरू होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सत्र के पहले दिन मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि विपक्ष सदन में जनता की आवाज बनकर हर मोर्चे पर सरकार से जवाबदेही मांगेगा।
उन्होंने साफ किया कि जनता के हक और विश्वास की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी। सदन के बाहर मीडिया से बात करते हुए खरगे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला करार दिया और कहा कि युवाओं की आवाज दबाने वाली यह सरकार सत्ता में बने रहने के लायक नहीं है।
पेपर लीक और बदहाल शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए खरगे ने दावा किया कि साल 2014 से अब तक देश में 152 पेपर लीक हो चुके हैं, जिसके कारण 25 बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस भारी विफलता की जिम्मेदारी तय करते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की।
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इसके साथ ही, उन्होंने 3.5 करोड़ वाहन मालिकों पर जबरन एथेनॉल मिश्रण थोपे जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार की नीतियों को आम जनता की कमाई पर डाका करार दिया।
इसके अतिरिक्त, कांग्रेस अध्यक्ष ने अयोध्या के श्री राम मंदिर निर्माण में चंदा चोरी और श्रद्धालुओं की आस्था से धोखे का गंभीर आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा समर्पित किए गए दान का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए और इस मामले की तत्काल स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। चूंकि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री द्वारा किया गया था, इसलिए खरगे ने कहा कि इस कथित घोटाले की पूरी जिम्मेदारी नरेंद्र मोदी को खुद लेनी चाहिए।
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