MP शिक्षा विवाद: जीतू पटवारी का सीएम मोहन यादव को पत्र, स्कूली शिक्षा के स्तर पर उठाये सवाल
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने राज्य की स्कूली शिक्षा के गिरते स्तर को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है की केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी ‘परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स’ 2025-26 में मध्य प्रदेश का एक भी जिला 60 प्रतिशत से ज्यादा स्कोर नहीं कर पाया है। पार्टी के अनुसार, यह सरकारी रिपोर्ट राज्य के सभी जिलों की बदहाल स्कूली व्यवस्था और शिक्षा विभाग की बड़ी नाकामी का सीधा प्रमाण है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के ‘परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स फॉर डिस्ट्रिक्ट्स’ (पीजीआई-डी) का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है, जिसमें देश भर के 784 जिलों के 70 पैमानों पर हुए इस मूल्यांकन में राज्य का एक भी जिला 60 प्रतिशत अंक का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जिले को भी 600 में से मात्र 333 (यानी 55.5 प्रतिशत) अंक मिले हैं।
जिलों में सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग
पटवारी ने भोपाल और इंदौर जैसे जिलों में सीखने के नतीजों, स्कूल सुरक्षा व सुविधाओं की कमजोरी तथा सागर, बड़वानी, आगर-मालवा व धार में डिजिटल लर्निंग का स्तर बेहद कम (24 प्रतिशत से भी नीचे) होने के आंकड़े उजागर करते हुए इस रिपोर्ट को सरकार की शिक्षा व्यवस्था का गंभीर रिपोर्ट कार्ड बताया है तथा नतीजों की सार्वजनिक समीक्षा, समय-सीमा वाली सुधार योजनाओं और 30 प्रतिशत से कम डिजिटल स्कोर वाले जिलों में संसाधनों व शिक्षकों के प्रशिक्षण के ऑडिट की मांग की है।
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कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने स्कूली बच्चो की सुरक्षा को लेकर खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हर तीन महीने में पढ़ाई के नतीजों की समीक्षा करने का भी आग्रह किया है। अपने पत्र में पटवारी ने कड़े शब्दों में लिखा की मध्य प्रदेश के बच्चो का भविष्य किसी राजनीतिक प्रचार का मुद्दा नहीं है और चुकी सरकार भाजपा चला रही है इसलिए इस नाकामी की पूरी जवाबदेही भी उन्ही की बनती है।
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