संसद का सत्र शुरू: जोरदार हंगामे के आसार
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मीडिया संबोधन और प्रमुख राजनीतिक नेताओं के बयानों का संक्षेप प्रस्तुत करता है
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि लगातार बनते युद्ध के हालातों और पश्चिम एशिया संकट के कारण भारत में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और उर्वरक के क्षेत्रों में कई बड़ी बाधाएं आईं।
इसके बावजूद भारत 7.7% की विकास दर के साथ दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला देश बना रहा, जो भारत के सामर्थ्य को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने बताया कि देश अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार हो चुका है। पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई बड़ी सिद्धियां हासिल की हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर पहुंचा था और हाल ही में भारत के एक युवा स्टार्टअप ने भी बहुत बड़ी सफलता प्राप्त की है।
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इसके अलावा, देश को राजस्थान में एक बड़ी तेल रिफाइनरी, तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली देश की पहली व सबसे ताकतवर ट्रेन समर्पित की गई है।
मानसून और मानसून सत्र दोनों के प्रो-एक्टिव और उत्पादक रहने की कामना करते हुए उन्होंने इसे देश कल्याण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
दूसरी ओर, संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही जोरदार हंगामे के आसार के साथ शुरू हो गई है।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ माझी ने स्पष्ट किया कि इंडिया ब्लॉक परिसीमन या महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ नहीं है, लेकिन उन्होंने इस विधेयक में तीन साल बर्बाद करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी के मुद्दे पर बहस की मांग की।
वहीं, भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने नीट मुद्दे पर सरकार का बचाव करते हुए कहा कि सरकार छात्रों के प्रति संवेदनशील है और उसने सही कदम उठाए हैं, जबकि कुछ बिचौलिए समस्याएं पैदा कर रहे हैं। उन्होंने विरोध के नाम पर अराजकता फैलाने को गलत ठहराया।
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