पुदुचेरी: सरकारी विभागों में खर्च में कटौती के कड़े नियम; विदेश यात्राओं पर रोक और वाहन पूलिंग अनिवार्य
ईंधन, बिजली और सरकारी संसाधनों की बचत के लिए पुदुचेरी सरकार ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत गैर-जरूरी विदेश यात्राओं पर छह महीने की रोक लगाई गई है। साथ ही वाहन पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को बढ़ावा देने और दफ्तरों में बिजली की बचत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नई दिल्ली: ईंधन, बिजली और सरकारी संसाधनों के अधिक कुशल उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुदुचेरी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसके तहत सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कई कड़े नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
पुदुचेरी सरकार के कार्मिक व प्रशासनिक सुधार विभाग के अवर सचिव एस. मुरुगेसन की ओर से जारी एक आधिकारिक सर्कुलर में सभी सरकारी विभागों, कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) और स्वायत्त निकायों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।
सर्कुलर के अनुसार, यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ईंधन बचाने व संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की अपील और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के बाद लिया गया है। इसके तहत अगले छह महीनों के लिए सभी गैर-आवश्यक विदेश यात्राओं, अध्ययन दौरों और परामर्श संबंधी यात्राओं पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
संसाधनों की बचत के लिए सरकार ने वाहनों के उपयोग को भी सीमित करने के निर्देश दिए हैं। ईंधन की खपत को कम करने के लिए अब सरकारी विभागों को वाहन पूलिंग प्रणाली अपनाने और गाड़ियों का उपयोग केवल बेहद जरूरी कार्यों के लिए ही करने को कहा गया है।
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इसके अलावा, अधिकारियों को अनावश्यक आधिकारिक दौरों से बचने और बैठकों, समीक्षा सत्रों तथा आपसी समन्वय के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है। सरकार ने पर्यावरण और बजट दोनों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों से आधिकारिक कार्यों के लिए जहां तक संभव हो, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया है।
ऊर्जा संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कार्यालयों में बिजली की बचत के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत उपयोग में न आने वाले बिजली उपकरणों, जैसे लाइट, एयर कंडीशनर (AC), कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को तुरंत बंद करने को कहा गया है ताकि ऊर्जा की फिजूलखर्ची को रोका जा सके।
इस सर्कुलर में एक अनोखी सलाह कर्मचारियों के लंच ब्रेक को लेकर भी दी गई है। कर्मचारियों से कहा गया है कि वे लंच ब्रेक के दौरान बिना किसी जरूरी कारण के कार्यालय परिसर से बाहर न जाएं और अपना भोजन कार्यालय में ही साथ लेकर आएं। सरकार का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि कार्यस्थल की उत्पादकता में भी सुधार होगा।
अवर सचिव एस. मुरुगेसन ने स्पष्ट किया है कि खर्च में कटौती और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से जुड़े ये सभी उपाय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य सरकारी संसाधनों का अधिकतम दक्षता के साथ उपयोग सुनिश्चित करना है।
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