राहुल मानहानि विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत पर लगाया ब्रेक, 4 हफ्ते में मांगा जवाब
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बड़ी राहत दी है। अदालत ने महाराष्ट्र की निचली अदालत में उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही पर रोक लगा दी है।
इसके साथ ही, सुप्रीम कोर्ट बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले की समीक्षा करने के लिए भी तैयार हो गया है, जिसमें राहुल गांधी को 2019 में जारी किए गए समन को रद्द करने से मना कर दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘चौकीदार चोर है’ और ‘कमांडर-इन-थीफ’ जैसी टिप्पणियों से जुड़े मानहानि मामले में महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता महेश श्रीश्रीमल को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम राहत
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने यह आदेश कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के 8 सितंबर 2026 के फैसले को चुनौती दी है।
दरअसल, हाईकोर्ट ने मुंबई की गिरगांव मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा 2019 में राहुल गांधी को जारी समन रद्द करने से इनकार कर दिया था, लेकिन उन्हें राहत देते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट की कार्यवाही को छह सप्ताह के लिए टाल दिया था ताकि वे शीर्ष अदालत की शरण ले सकें।
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यह पूरा मामला सितंबर 2018 में राजस्थान की एक रैली और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है, जिसके खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता महेश श्रीश्रीमल ने मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंधवी ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देकर दलील दी कि इस क़ानूनी मामले में स्थिति पहले से ही साफ है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, बल्कि सिर्फ महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है।
अदालत इस मामले पर अब चार हफ्ते बाद अगली सुनवाई करेगी, और तब तक निचली अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ चल रही कार्यवाही पूरी तरह रुकी रहेगी।
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