रामपुर जेल में आजम खां से ED की पूछताछ: जौहर ट्रस्ट केस में करीबियों पर बढ़ा शिकंजा
नई दिल्ली: जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में जाँच को आगे बढ़ाते हुए प्रवर्तन निदेशालय की चार सदस्यीय टीम मंगलवार को रामपुर जेल पहुंची। वहां टीम ने पूर्व मंत्री आजम खां से पूछताछ शुरू की। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मामले से जुड़े आजम खां के पुराने बयानों का मिलान और सत्यापन करना है, ताकि वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को साफ किया जा सके।
जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच एक बार फिर तेज हो गई है, जिसके तहत समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खां से करीब सात घंटे लंबी पूछताछ की गई।
जौहर ट्रस्ट जांच: नसीर अहमद से तीखे सवाल
नसीर जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव रहे हैं और अधिकारियों ने उनसे ट्रस्ट के फैसलों, दान, यूनिवर्सिटी के निर्माण और शत्रु संपत्ति प्रकरण में उनकी भूमिका को लेकर कई कड़े सवाल पूछे, हालांकि उन्होंने अपनी संलिप्तता से इनकार करते हुए कई सवालों के जवाब देने से बचने की कोशिश की।
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ईडी ने उन्हें दस्तावेजों के साथ दोबारा तलब करने की चेतावनी दी है और अब सपा नेता आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम से भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। नसीर पर आजम खां के साथ मिलकर शत्रु संपत्ति हड़पने का भी आरोप है, जिसमें अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है और अंतरिम जमानत समाप्त होने पर उन्हें सरेंडर करना पड़ा था।
जौहर ट्रस्ट मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच का दायरा बड़ा दिया है जिससे इससे जुड़े लोगों की दिक्क़ते बाद सकती है। आयकर विभाग द्वारा पहले नसीर अहमद के ठिकानो पर की गई छापेमारी के बाद, अब ईडी भी इस पहलू की पड़ताल कर रही है। इसी कड़ी में वित्तीय जांच एजेंसी अब ट्रस्टी शहरयार खां से पूछताछ करने की तैयारी में है, जिन्होंने पहले खुद को सिर्फ एक डमी ट्रस्टी बताया था।
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