टीएमसी में बगावत जारी, अब सांसद सायोनी घोष केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलीं
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलने पहुंचीं सायानी घोष, जबकि बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को हस्ताक्षरित पत्र सौंपा
नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस के 19 बागी सांसदों की सूची जारी होने के बाद इस बात की अटकलें तेज हो गई हैं कि पार्टी पर से ममता बनर्जी का वर्चस्व खत्म हो गया है।
इन बागी सांसदों में टीएमसी की फायरब्रांड नेता सायानी घोष, शत्रुघ्न सिन्हा और यूसुफ पठान का नाम भी शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बीच सायानी घोष केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिलने पहुंची हैं और उनके साथ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद हैं।
बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को हस्ताक्षर करके एक पत्र सौंपा है, हालांकि इस संबंध में अभी तक पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 28 सांसद हैं। अगर इन बागी 19 सासंदों के दावे सही साबित होते हैं, तो इसे ममता बनर्जी के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जाएगा।
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एक तरफ ममता और अभिषेक बनर्जी दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ बैठक कर खोई राजनीतिक जमीन हासिल करने की जुगत में लगे हुए हैं, तो दूसरी तरफ पहले विधायकों और अब सांसदों के इन बागी तेवरों ने उनकी टेंशन काफी बढ़ा दी है।
इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में विलय की अटकलों को सिरे से नकारते हुए पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत गुट के एक वरिष्ठ नेता ने बुधवार को कहा कि इस तरह की कोई योजना नहीं है।
दरअसल, ममता बनर्जी ने मंगलवार (9 जून 2026) को कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद संभावित विलय की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया।
दोनों नेताओं के बीच हुई इस बैठक की जानकारी हालांकि किसी भी पक्ष ने सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि ममता ने विपक्ष की एकजुटता पर जोर दिया और कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन को विभिन्न जन-मुद्दों पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।
इस राजनीतिक हलचल के दौरान ही तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात की।
दोनों नेताओं की इस मुलाकात को कांग्रेस और तृणमूल के बीच चल रही बातचीत का ही एक हिस्सा माना जा रहा है, जो इस हफ्ते की शुरुआत में दिल्ली में हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की बैठक के बाद हो रही है।
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