राष्ट्रहित में त्याग: पीएम मोदी से लेकर योगी-मोहन तक ने घटाईं काफिले की गाड़ियां

राष्ट्रहित में त्याग: पीएम मोदी से लेकर योगी-मोहन तक ने घटाईं काफिले की गाड़ियां

नई दिल्ली: देश में ईंधन की खपत कम करने और सरकारी खर्च में कटौती करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी पहल की है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद न केवल केंद्र सरकार, बल्कि विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों ने भी अपने विशेषाधिकारों और सुरक्षा काफिलों में भारी कटौती का निर्णय लिया है।

सुरक्षा में EV और आधा काफिला प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) को निर्देश दिया है कि उनके सुरक्षा काफिले में वाहनों की संख्या को तत्काल प्रभाव से 50% कम कर दिया जाए। सुरक्षा मानकों की ‘ब्लू बुक’ (Blue Book) का पालन करते हुए इस आदेश को लागू कर दिया गया है।

पीएम ने इच्छा जताई है कि उनके बेड़े में अब इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को शामिल किया जाए।

खास बात यह है कि इसके लिए कोई नई गाड़ी नहीं खरीदी जाएगी, ताकि सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ न पड़ेनई प्रधानमंत्री की अपील का असर अब दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है!

पीएम ने अपने बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को शामिल करने की इच्छा जताई है, लेकिन स्पष्ट किया है कि इसके लिए नई संसाधन खरीदारी के बजाय मौजूदा संसाधनों का ही प्रबंधन किया जाएगा।

गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने ‘आर्थिक आत्मरक्षा’ का नारा देते हुए हवाई सफर का त्याग कर दिया है।

अब वे चार्टर्ड प्लेन या हेलिकॉप्टर के बजाय ट्रेन, सरकारी बस और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे।

राज्यपाल अब हेलिकॉप्टर या चार्टर्ड प्लेन के बजाय ट्रेन, एसटी बस और सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करेंगे।राज्य के विश्वविद्यालयों में सप्ताह में एक दिन ‘कंबशन इंजन मुक्त दिवस’ मनाया जाएगा, जहाँ शिक्षक और छात्र केवल साइकिल या EV का उपयोग करेंगे।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अपनी सुरक्षा से पायलटिंग और एस्कॉर्ट गाड़ियों को हटाने का फैसला किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वैश्विक युद्ध जैसी स्थितियां सामान्य नहीं होतीं, वे बिना पायलट वाहन के ही कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने काफिले की गाड़ियों को 50% तक कम करने का आदेश दिया है।

रेखा गुप्ता सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी कैबिनेट मंत्री, विधायक और अधिकारी विभागीय कार्यों के लिए कारपूल और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देंगे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के काफिले में भी कटौती की गई है।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने इसे राष्ट्रसेवा बताते हुए कहा कि युद्ध जैसी वैश्विक परिस्थितियों के बीच देश की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक, वीआईपी कल्चर पर इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ का उद्देश्य केवल पैसा बचाना नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आम आदमी के साथ जुड़ाव भी है।

    शीर्ष नेतृत्व द्वारा अपनी सुख-सुविधाओं में की गई यह कटौती भारतीय राजनीति में एक नए युग की शुरुआत है, जहाँ ‘अतिरिक्त खर्च’ के स्थान पर ‘अनिवार्य बचत’ को प्राथमिकता दी जा रही है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।