राघव चड्ढा समेत 3 सांसदों के इस्तीफे पर भड़के संजय सिंह— यह जनता से धोखा है

राघव चड्ढा समेत 3 सांसदों के इस्तीफे पर भड़के संजय सिंह— यह जनता से धोखा है

नई दिल्ली।आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह ने आज पार्टी में हुई बड़ी टूट और राघव चड्ढा समेत 3 राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। आम आदमी पार्टी ने इन लोगों को फर्श से उठाकर अर्श तक पहुँचाया, राज्यसभा जैसी गरिमामय जगह दी, लेकिन इन्होंने सत्ता के लालच और डर के आगे घुटने टेक दिए। यह पार्टी के साथ ही नहीं, बल्कि पंजाब और दिल्ली की उस जनता के साथ भी धोखा है जिसने हमें वोट दिया था।

संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर ‘ऑपरेशन लोटस’ चलाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ईडी (ED) और सीबीआई (CBI) का डर दिखाकर विपक्षी दलों को तोड़ने का “घिनौना खेल” खेल रही है।

संजय सिंह ने राघव चड्ढा के इस्तीफे को सबसे बड़ा “पीठ में छुरी घोंपना” बताया है। उन्होंने कहा। राघव चड्ढा को पार्टी ने बहुत कम उम्र में वह पहचान और पद दिया जिसके लिए लोग दशकों संघर्ष करते हैं। आज जब पार्टी मुश्किल दौर से गुजर रही है, तो वे जहाज डूबने से पहले भागने वाले पहले व्यक्ति बन गए। यह सिर्फ इस्तीफा नहीं, बल्कि अरविंद केजरीवाल के भरोसे का कत्ल है।

युवाओं को राजनीति में आदर्श माना जाता है, लेकिन राघव चड्ढा ने दिखाया कि उनमें लड़ने का हौसला नहीं है। जांच एजेंसियों के एक छोटे से नोटिस से डरकर उन्होंने अपने सिद्धांतों को बीजेपी के चरणों में गिरवी रख दिया। पंजाब की जनता ने आम आदमी पार्टी को प्रचंड बहुमत इसलिए दिया था ताकि हम उनके हक की लड़ाई लड़ें, इसलिए नहीं कि हमारे सांसद बीच रास्ते में छोड़कर भाग जाएं।

सांसद अशोक मित्तल के खिलाफ हुई ईडी (ED) की छापेमारी को लेकर संजय सिंह ने बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस कार्रवाई को “पॉलिटिकल वेंडेटा” (राजनीतिक प्रतिशोध) करार देते हुए कई अहम बातें कही हैं।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 15 अप्रैल, 2026 को अशोक मित्तल के जालंधर स्थित आवास, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के कैंपस और उनके अन्य ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी। यह कार्रवाई फेमा (FEMA – विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर की गई थी।

बीजेपी अपनी एजेंसियों का इस्तेमाल करके हमारे सांसदों को डरा रही है। अशोक मित्तल के यहाँ रेड का मकसद कोई जांच नहीं, बल्कि उन्हें यह संदेश देना था कि या तो जेल जाओ या पार्टी छोड़ो। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने पहले अशोक मित्तल को निशाना बनाया ताकि अन्य सांसदों में भी डर पैदा किया जा सके और उन्हें बीजेपी में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा सके।

हालांकि आधिकारिक नामों की पुष्टि प्रक्रिया में है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार इस्तीफा देने वालों में मुख्य नाम ये हैं।

राघव चड्ढा

अशोक मित्तल

संजीव अरोड़ा

विक्रमजीत सिंह साहनी
(अन्य तीन नामों पर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन संजय सिंह ने कुल 7 के इस्तीफे का संकेत दिया है)।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।